Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
होर्मुज में माइन्स से बढ़ा खतरा
होर्मुज में बिछाई गई समुद्री माइन्स से बढ़ा खतरा, जहाजों के लिए घातक साबित हो सकती हैं ये विस्फोटक रणनीति
25 Apr 2026, 02:05 PM -
Reporter : Mahesh Sharma

समुद्री माइन्स से बढ़ा वैश्विक खतरा संकेत

होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री माइन्स बिछाए जाने की खबरों ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक माना जाता है, जहां से भारी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है। ऐसे में इस क्षेत्र में माइन्स की मौजूदगी न केवल जहाजों के लिए खतरा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भी बड़ा जोखिम बन सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने छोटे जहाजों और नावों के जरिए इन माइन्स को बिछाया है, जिससे उन्हें पहचानना और हटाना और भी मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति कम लागत में बड़े प्रभाव डालने के उद्देश्य से अपनाई जाती है। इस स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सतर्क कर दिया है और कई देशों ने इस पर चिंता जताई है।


महाम-3 और अन्य माइन्स की घातक क्षमता

ईरान द्वारा इस्तेमाल की जा रही माइन्स में महाम-3 जैसी आधुनिक माइन शामिल है, जिसमें करीब 120 किलोग्राम विस्फोटक होता है। यह माइन समुद्र के अंदर एंकर के जरिए स्थिर रहती है और जैसे ही कोई जहाज इसके संपर्क में आता है, यह विस्फोट कर देती है। इसके अलावा महाम-7 जैसी माइन्स भी इस्तेमाल में लाई जा रही हैं, जिनमें 100 से 150 किलोग्राम तक विस्फोटक होने की संभावना है। इन माइन्स को खास डिजाइन के साथ बनाया जाता है ताकि सोनार सिस्टम इन्हें आसानी से पकड़ न सके। यही कारण है कि इनका पता लगाना बेहद कठिन हो जाता है। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये कम गहराई वाले पानी में भी प्रभावी रहती हैं, जिससे छोटे और मध्यम आकार के जहाजों को भी गंभीर खतरा होता है।


विस्फोट के प्रभाव और जहाजों को नुकसान

समुद्र के अंदर होने वाला विस्फोट सामान्य विस्फोट से कहीं ज्यादा खतरनाक होता है। पानी के भीतर बनने वाली शॉकवेव बहुत तेज होती है, जो जहाज के निचले हिस्से यानी हल को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। कई मामलों में यह जहाज को दो हिस्सों में भी तोड़ सकती है। बड़े टन भार वाले जहाजों को भी इस तरह की माइन्स से भारी नुकसान हो सकता है, जबकि छोटे और मध्यम जहाज पूरी तरह नष्ट हो सकते हैं। इसके अलावा विस्फोट के बाद जहाज में आग लगने या डूबने की संभावना भी बढ़ जाती है। इस तरह की घटनाएं न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि मानव जीवन के लिए भी बड़ा खतरा बनती हैं। यही कारण है कि समुद्री माइन्स को आधुनिक युद्ध का एक बेहद प्रभावी हथियार माना जाता है।


माइन्स हटाने की चुनौती और तकनीक

समुद्र में बिछाई गई माइन्स को ढूंढना और हटाना एक बेहद जटिल प्रक्रिया होती है। इसके लिए विशेष तकनीक और उपकरणों की जरूरत होती है। आधुनिक समय में बिना चालक वाले अंडरवाटर वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है, जो सोनार तकनीक के जरिए माइन्स का पता लगाते हैं और उन्हें नष्ट करते हैं। हालांकि यह प्रक्रिया समय लेने वाली और महंगी होती है। इसके अलावा यह भी बताया जा रहा है कि माइन्स बिछाने वाले देश के पास खुद भी इनका पूरा रिकॉर्ड नहीं होता, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में किसी भी जहाज के लिए इस क्षेत्र से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है। इस चुनौती से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भी जरूरत पड़ती है।


वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था पर असर

होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस परिवहन होता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। माइन्स की वजह से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, जिससे तेल की सप्लाई बाधित होती है और कीमतों में तेजी आ सकती है। इससे कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा बीमा कंपनियां भी ऐसे क्षेत्रों में जहाजों के लिए प्रीमियम बढ़ा देती हैं, जिससे व्यापार की लागत और बढ़ जाती है। इस तरह देखा जाए तो समुद्री माइन्स केवल सैन्य खतरा नहीं हैं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा बन जाती हैं।


अंतरराष्ट्रीय कानून और भविष्य की स्थिति

अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार किसी भी देश को समुद्री मार्गों को पूरी तरह बाधित करने का अधिकार नहीं है, लेकिन इसके बावजूद ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं। ईरान का दावा है कि वह अपने क्षेत्रीय अधिकारों के तहत यह कार्रवाई कर रहा है, जबकि अन्य देश इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ मानते हैं। इस मुद्दे पर आने वाले समय में और तनाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस स्थिति को जल्द नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह बड़े संघर्ष का कारण बन सकती है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस संकट का समाधान कूटनीति के जरिए निकाला जाता है या यह और गहराता है।






ADVERTISEMENT Sponsored
Advertisement
Ad
Open

Latest News

Feed shows today's latest first, then previous days to complete up to 50 items.
thumb
बीजेपी में शामिल होते ही राघव चड्ढा को सोशल मीडिया पर बड़ा झटका, लाखों फॉलोअर्स ने छोड़ा साथ अचानक
April 25, 2026
thumb
रूस में एंटी-एजिंग जीन थेरेपी पर बड़ा दावा, इंसानों की उम्र बढ़ाने की दिशा में वैज्ञानिकों ने किया अहम प्रयोग
April 25, 2026
thumb
फिल्म ‘टॉक्सिक’ में फीमेल पर्सपेक्टिव पर जोर, यश ने सेंसुअल सीन शूटिंग और विवादों पर दिया बड़ा बयान
April 25, 2026
thumb
दो महीने के तनाव और संघर्ष के बाद ईरान ने कमर्शियल उड़ानें बहाल कीं, तेहरान से अंतरराष्ट्रीय सफर फिर शुरू
April 25, 2026
thumb
जयपुर में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का हेलीकॉप्टर शॉट वायरल, धोनी की याद दिलाकर क्रिकेट जगत में मचाई सनसनी
April 25, 2026
thumb
ड्रग टेस्ट में फेल होने के बाद क्रिकेटर डग ब्रेसवेल पर दो साल का बैन, रिटायरमेंट के बावजूद बढ़ा विवाद
April 25, 2026
thumb
स्वाति मालीवाल ने छोड़ी आम आदमी पार्टी, भाजपा में शामिल होकर केजरीवाल पर साधा निशाना, मोदी नेतृत्व की खुलकर तारीफ
April 25, 2026
thumb
शादियों में बदल रहा एंट्री का अंदाज, दूल्हा-दुल्हन बाइक और जेसीबी पर कर रहे ग्रैंड एंट्री, वीडियो हो रहे वायरल
April 25, 2026
thumb
Meta में बड़ी छंटनी का ऐलान, 8 हजार नहीं बल्कि 14 हजार नौकरियों पर खतरा, टेक सेक्टर में मचा हड़कंप
April 25, 2026
thumb
भारतीय हॉकी के दिग्गज और ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट गुरबख्श सिंह ग्रेवाल का निधन, खेल जगत में शोक की लहर
April 25, 2026
ADVERTISEMENT Sponsored
Advertisement Open