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पिटाई के आरोप से भड़का सियासी तूफान
अयोध्या में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां एक भाजपा कार्यकर्ता की कथित पिटाई ने सियासी हलचल पैदा कर दी। जानकारी के मुताबिक, स्थानीय कार्यकर्ता हरिकिशन पांडेय के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट का आरोप लगाया गया है। इस घटना के बाद माहौल अचानक गर्म हो गया और मामला सीधे राजनीति से जुड़ गया। क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई और स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर आक्रोशित नजर आए।
विधायक का देर रात थाने पर धरना
घटना की जानकारी मिलते ही मिल्कीपुर क्षेत्र से जुड़े विधायक चंद्रभानु पासवान तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने देर रात कुमारगंज थाने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विधायक ने थाने का घेराव करते हुए पुलिस के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक भी मौके पर जुट गए, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई।
पीड़ित परिवार ने सुनाई आपबीती
पीड़ित हरिकिशन पांडेय के परिवार ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मामूली विवाद के बाद पुलिस ने बिना जांच के उन्हें हिरासत में लिया और कथित तौर पर मारपीट की। परिवार का आरोप है कि मदद मांगने के बजाय पुलिस ने ही उत्पीड़न किया, जिससे उनका भरोसा प्रशासन पर कमजोर हुआ है। इस घटना ने आम लोगों के बीच भी पुलिस के रवैये को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विधायक का अल्टीमेटम, कार्रवाई की मांग
विधायक चंद्रभानु पासवान ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें सस्पेंड नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के प्रतिनिधि होने के नाते वे अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया है और राजनीतिक दबाव भी बढ़ता दिखाई दे रहा है।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा, जांच शुरू
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन भी हरकत में आया। संबंधित क्षेत्राधिकारी और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। पुलिस ने भी बयान जारी कर कहा कि सच्चाई सामने आने के बाद ही उचित कदम उठाए जाएंगे।
राजनीतिक रंग लेने लगा मामला
अयोध्या जैसे संवेदनशील शहर में इस तरह की घटना का राजनीतिक असर साफ दिखाई देने लगा है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर सरकार को घेर सकते हैं, जबकि सत्ताधारी दल के भीतर भी नाराजगी देखने को मिल रही है। आने वाले समय में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, खासकर जब कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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