Search News
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
सामूहिक विवाह में अचानक आया तेज बवंडर
राजस्थान के Tonk जिले में एक सामूहिक विवाह समारोह के दौरान अचानक आए बवंडर ने खुशियों के माहौल को अफरा-तफरी में बदल दिया। कार्यक्रम में सैकड़ों लोग मौजूद थे और शादी की रस्में चल रही थीं, तभी तेज हवा के साथ बवंडर ने पूरे आयोजन को प्रभावित कर दिया।
पलक झपकते ही पंडाल, सजावट और अन्य सामान हवा में उड़ने लगे। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
उड़ गए टेंट, गिरा शादी का ढांचा
बवंडर की रफ्तार इतनी तेज थी कि टेंट और लोहे के पाइप तक उखड़कर गिर गए। इससे कई जगहों पर मंच और सजावट का ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो गया।
इस दौरान वहां मौजूद लोग खुद को बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। अचानक आए इस प्राकृतिक प्रकोप ने कुछ ही मिनटों में पूरे आयोजन की तस्वीर बदल दी।
घायल हुए महिलाएं और बच्चे मौके पर
इस हादसे में कई महिलाएं और बच्चे घायल हो गए। टेंट के गिरते पाइप और ढांचे की चपेट में आने से उन्हें चोटें आईं।
हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर सामने नहीं आई। घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।
मौसम के बदलते तेवर बने कारण
राजस्थान में इन दिनों मौसम लगातार बदल रहा है, जिससे इस तरह की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। कभी तेज आंधी तो कभी ओलावृष्टि लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक आने वाले ऐसे बवंडर मौसम के असंतुलन का संकेत हो सकते हैं। इससे पहले भी राज्य के कई हिस्सों में इसी तरह के हालात देखने को मिले हैं।
हालात सामान्य होने पर फिर शुरू हुई रस्में
घटना के बाद कुछ समय के लिए समारोह को रोकना पड़ा, लेकिन हालात सामान्य होने के बाद आयोजकों ने हिम्मत नहीं हारी।
शाम होते-होते खुले मैदान में ही दोबारा शादी की रस्में शुरू की गईं और सभी जोड़ों के फेरे पूरे कराए गए। इस दौरान माहौल पहले जैसा तो नहीं था, लेकिन लोगों ने हिम्मत और संयम का परिचय दिया।
36 जोड़ों ने खुले में लिए सात फेरे
इस सामूहिक विवाह समारोह में कुल 36 जोड़ों की शादी होनी थी, जो अंततः खुले आसमान के नीचे संपन्न कराई गई।
यह घटना भले ही डरावनी रही, लेकिन इसके बावजूद सभी ने मिलकर इसे सफल बनाने की कोशिश की। इसने यह दिखाया कि विपरीत परिस्थितियों में भी लोग एकजुट होकर हर मुश्किल का सामना कर सकते हैं।
Latest News
Open