Search News
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
पिछले साल जून में हुआ भीषण हादसा
अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 12 जून 2025 को उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में 260 यात्रियों की जान चली गई और विमान पूरी तरह तबाह हो गया।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने राज्यसभा में बताया कि दुर्घटना की जांच जल्द ही पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच टीम इस समय सभी तकनीकी पहलुओं और चालक दल के रिकॉर्ड की समीक्षा कर रही है।
मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद विमान सुरक्षा और हवाई यात्रा मानकों में सुधार के लिए तुरंत कदम उठाए जाएंगे।
जांच में डिजिटल निगरानी और तकनीकी पहल
हवाई सुरक्षा पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए नायडू ने कहा कि अब सभी विमानों की निगरानी डिजिटल तरीके से हो रही है। सुरक्षा जांच में कागज-कलम के पुराने तरीकों की जगह आधुनिक तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद एयर ट्रैफिक रिकॉर्ड, ब्लैक बॉक्स डेटा और मौसम संबंधी रिपोर्टों की पूरी समीक्षा की गई। इससे विमानन सुरक्षा प्रणाली में सुधार के सुझाव मिलेंगे।
साथ ही, एयर इंडिया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय विमानन मानकों को और कड़ा करने पर विचार कर रहे हैं।
मिडिल ईस्ट संकट और भारतीय यात्रियों की सुरक्षा
सदन में चर्चा के दौरान मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध का मुद्दा भी उठा। मंत्री ने बताया कि क्षेत्र में तनाव और संघर्ष के कारण भारतीय यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
उन्होंने बताया कि संकट के समय भारत ने सभी एयरलाइन कंपनियों को मार्ग और सुरक्षा प्रोटोकॉल बदलने की सलाह दी है। इसके तहत फ्लाइट रूट और हवाई मार्गों की मॉनिटरिंग लगातार हो रही है।
इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी तकनीकी और कूटनीतिक उपाय अपनाए जा रहे हैं।
ब्लैक बॉक्स और तकनीकी जांच पर जोर
हादसे के बाद विमान का ब्लैक बॉक्स रिकवर कर लिया गया था। मंत्री ने बताया कि इसमें उड़ान के अंतिम क्षणों का पूरा डेटा मौजूद है। जांच टीम इस डेटा का विश्लेषण कर रही है।
तकनीकी जांच में विमान के इंजन, नेविगेशन सिस्टम, मौसम और चालक दल की गतिविधियों का अध्ययन शामिल है। इससे भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के उपाय सुझाए जाएंगे।
सुरक्षा मानकों में सुधार के लिए सरकार ने विमानन कंपनियों के लिए नई दिशानिर्देश तैयार किए हैं।
आश्वासन और भविष्य की दिशा
मंत्री नायडू ने सदन को आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद सरकार तुरंत सुधारात्मक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि विमान सुरक्षा, यात्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल निगरानी, उन्नत ब्लैक बॉक्स विश्लेषण और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए भविष्य में विमान हादसों की संभावना न्यूनतम करने की दिशा में काम चल रहा है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि विमानन सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी सुझावों को लागू किया जाएगा।
Latest News
Open