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उमस और गर्मी ने बढ़ाई परेशानी लगातार
राजधानी दिल्ली में गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी को एक बार फिर चरम पर पहुंचा दिया। हालांकि थर्मामीटर पर अधिकतम तापमान लगभग 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन वातावरण में मौजूद अत्यधिक नमी और हवा की स्थिति के कारण लोगों को यह तापमान 51 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक जैसा महसूस हुआ। मौसम वैज्ञानिक इसे हीट इंडेक्स या "फील्स लाइक" तापमान कहते हैं, जो यह बताता है कि वास्तविक मौसम शरीर पर कितना प्रभाव डाल रहा है। सुबह से ही तेज धूप और भारी उमस के कारण लोग घरों से निकलने में असहज महसूस कर रहे थे। दोपहर के समय सड़कें अपेक्षाकृत खाली दिखाई दीं, जबकि बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों की संख्या कम रही। लगातार पसीना निकलने और गर्म हवा के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल तापमान ही नहीं, बल्कि वातावरण में मौजूद नमी भी शरीर की गर्मी को बाहर निकलने से रोकती है, जिससे अधिक गर्मी महसूस होती है और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं।
हीट इंडेक्स बढ़ने की मुख्य वजह क्या
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हीट इंडेक्स बढ़ने का सबसे बड़ा कारण वातावरण में मौजूद अधिक आर्द्रता यानी नमी है। जब हवा में नमी ज्यादा होती है तो शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी नहीं सूखता। सामान्य परिस्थितियों में पसीना शरीर को ठंडा रखने का काम करता है, लेकिन अधिक नमी के कारण यह प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। परिणामस्वरूप शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं रह पाता और व्यक्ति को वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस होती है। इस बार अरब सागर की ओर से आने वाली नम हवाओं और मानसून की धीमी प्रगति ने दिल्ली के मौसम को और अधिक उमसभरा बना दिया। दिनभर बादलों की आवाजाही के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं होने से गर्मी कम नहीं हुई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे हालात में हीट स्ट्रेस और हीट एक्सॉशन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की अहम सलाह
लगातार बढ़ती उमस और गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी होने पर चक्कर आना, कमजोरी, सिरदर्द, तेज धड़कन और बेहोशी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, ओआरएस या अन्य तरल पदार्थों का सेवन करना और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना लाभदायक रहेगा। यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक पसीना, सांस लेने में तकलीफ या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि धूप में लंबे समय तक रहने से बचें और आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें।
बारिश की संभावना से मिलेगी राहत जल्द
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में राजधानी के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मानसूनी गतिविधियां तेज होने के साथ बादल छाने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। बारिश शुरू होने के बाद अधिकतम तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तेज हवाएं चलने से वातावरण में नमी का संतुलन बेहतर होगा और हीट इंडेक्स भी धीरे-धीरे कम हो जाएगा। हालांकि बारिश के दौरान जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। इसलिए नागरिकों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने और यात्रा की योजना उसी अनुसार बनाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने सतर्क रहने की दी अपील
बढ़ती गर्मी और उमस को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक यात्रा से बचने, पर्याप्त पानी साथ रखने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था मजबूत करने और जरूरत पड़ने पर प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए हैं। स्कूलों, निर्माण स्थलों और खुले में कार्य करने वाले श्रमिकों के लिए भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन का मानना है कि यदि नागरिक मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें तो गर्मी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। आने वाले दिनों में बारिश के साथ मौसम में सुधार की संभावना है, लेकिन तब तक सावधानी और सतर्कता ही सबसे प्रभावी बचाव माना जा रहा है।
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