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55 मिनट में मेरठ
दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर तेज रफ्तार सेवा शुरू
22 फरवरी से नमो भारत सराय काले खां से बेगमपुल 55 मिनट
20 Feb 2026, 05:33 PM
Uttar Pradesh -
Meerut
Reporter :
Mahesh Sharma
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Meerut दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। 22 फरवरी से नमो भारत रैपिड रेल सेवा सराय काले खां से मेरठ के बेगमपुल तक शुरू होने जा रही है। इस सेवा के शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच की दूरी महज 55 मिनट में तय की जा सकेगी।
करीब 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर पर चलने वाली यह ट्रेन क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नया आयाम देगी। परियोजना के तहत दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन तक का हिस्सा तैयार हो चुका है। फिलहाल ट्रेन न्यू अशोक नगर से परिचालन में है, लेकिन अब इसका विस्तार मेरठ के बेगमपुल स्टेशन तक किया जा रहा है।
हाल ही में सराय काले खां से बेगमपुल तक सफल ट्रायल रन पूरा किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन ने निर्धारित समय में दूरी तय कर परियोजना की तकनीकी क्षमता को साबित किया। बेगमपुल स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। यहां यात्रियों के लिए आरामदायक बैठने की व्यवस्था, एयर कंडीशनिंग, डिजिटल सूचना प्रणाली और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
कॉरिडोर पर कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं, जो दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ते हैं। इस रैपिड रेल सेवा से रोजाना हजारों यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। खासकर नौकरीपेशा लोगों और छात्रों के लिए यह परियोजना समय की बचत के साथ-साथ सुविधाजनक यात्रा का विकल्प बनेगी।
परियोजना के अधिकारियों का कहना है कि यह भारत की पहली सेमी-हाई स्पीड क्षेत्रीय रेल सेवा है, जो 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से चलने में सक्षम है। इससे सड़क यातायात का दबाव भी कम होगा और प्रदूषण में कमी आने की संभावना है।
सराय काले खां स्टेशन को मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां बस, मेट्रो और रैपिड रेल के बीच आसान इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे यात्रियों को एक ही स्थान पर विभिन्न परिवहन साधनों का लाभ मिल सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मेरठ जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए यह कनेक्टिविटी निवेश और रोजगार के नए अवसर खोल सकती है।
कुल मिलाकर, 22 फरवरी से शुरू हो रही यह सेवा दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा को तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाएगी। आने वाले समय में इस कॉरिडोर के पूर्ण रूप से संचालित होने पर क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
करीब 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर पर चलने वाली यह ट्रेन क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नया आयाम देगी। परियोजना के तहत दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन तक का हिस्सा तैयार हो चुका है। फिलहाल ट्रेन न्यू अशोक नगर से परिचालन में है, लेकिन अब इसका विस्तार मेरठ के बेगमपुल स्टेशन तक किया जा रहा है।
हाल ही में सराय काले खां से बेगमपुल तक सफल ट्रायल रन पूरा किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन ने निर्धारित समय में दूरी तय कर परियोजना की तकनीकी क्षमता को साबित किया। बेगमपुल स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। यहां यात्रियों के लिए आरामदायक बैठने की व्यवस्था, एयर कंडीशनिंग, डिजिटल सूचना प्रणाली और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
कॉरिडोर पर कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं, जो दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ते हैं। इस रैपिड रेल सेवा से रोजाना हजारों यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। खासकर नौकरीपेशा लोगों और छात्रों के लिए यह परियोजना समय की बचत के साथ-साथ सुविधाजनक यात्रा का विकल्प बनेगी।
परियोजना के अधिकारियों का कहना है कि यह भारत की पहली सेमी-हाई स्पीड क्षेत्रीय रेल सेवा है, जो 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से चलने में सक्षम है। इससे सड़क यातायात का दबाव भी कम होगा और प्रदूषण में कमी आने की संभावना है।
सराय काले खां स्टेशन को मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां बस, मेट्रो और रैपिड रेल के बीच आसान इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे यात्रियों को एक ही स्थान पर विभिन्न परिवहन साधनों का लाभ मिल सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मेरठ जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए यह कनेक्टिविटी निवेश और रोजगार के नए अवसर खोल सकती है।
कुल मिलाकर, 22 फरवरी से शुरू हो रही यह सेवा दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा को तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाएगी। आने वाले समय में इस कॉरिडोर के पूर्ण रूप से संचालित होने पर क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।