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मार्च में समझौता संभव
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति बनी
भारत-अमेरिका ट्रेड डील मार्च में साइन, अप्रैल से लागू होने के संकेत
20 Feb 2026, 05:05 PM Delhi - New Delhi
Reporter : Mahesh Sharma
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New Delhi नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ताओं को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिया है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर मार्च में हस्ताक्षर हो सकते हैं और इसे अप्रैल से लागू किया जा सकता है।

मंत्री ने बताया कि दोनों देशों के अधिकारियों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के कानूनी पहलुओं पर चर्चा अंतिम चरण में है। फ्रेमवर्क पहले ही जारी किया जा चुका है और अब तकनीकी एवं कानूनी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यदि सब कुछ तय समय पर पूरा हुआ, तो मार्च में समझौते पर साइनिंग और अप्रैल से उसका प्रभावी क्रियान्वयन संभव है।

यह समझौता भारत और United States के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। दोनों देश पिछले कुछ वर्षों से टैरिफ, बाजार पहुंच और निवेश से जुड़े मुद्दों पर बातचीत कर रहे थे। इस अंतरिम डील के तहत कई क्षेत्रों में शुल्क में राहत और व्यापार सुगमता के प्रावधान शामिल हो सकते हैं।

भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने भी हाल में सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता है और व्यापार समझौता इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील भारत के निर्यातकों के लिए नए अवसर खोलेगी, खासकर फार्मा, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और आईटी सेवाओं के क्षेत्र में। वहीं अमेरिका के लिए भारतीय बाजार में निवेश और उत्पादों की पहुंच आसान हो सकती है।

सरकार का कहना है कि यह समझौता संतुलित और पारस्परिक हितों पर आधारित होगा। भारत अपनी घरेलू उद्योगों की सुरक्षा और रोजगार हितों को ध्यान में रखते हुए शर्तों को अंतिम रूप दे रहा है।

अर्थशास्त्रियों के अनुसार, यदि यह समझौता तय समयसीमा में लागू हो जाता है, तो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा सकती है। इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका भी मजबूत होगी।

फिलहाल सभी की नजरें मार्च में संभावित हस्ताक्षर पर टिकी हैं। यदि अप्रैल से यह लागू होता है, तो यह भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी के नए अध्याय की शुरुआत होगी।