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AI समिट में चर्चा
AI इम्पैक्ट समिट में शामिल हुईं सारा हूकर
दिल्ली AI समिट में अमेरिकी CEO सारा हूकर का पोस्ट वायरल, जानीए उनका सफर
21 Feb 2026, 11:44 AM
Delhi -
New Delhi
Reporter :
Mahesh Sharma
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New Delhi नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट इस सप्ताह तकनीकी और व्यावसायिक जगत का प्रमुख आकर्षण बना रहा। इस आयोजन में दुनियाभर के टेक विशेषज्ञों और उद्यमियों ने हिस्सा लिया। इन्हीं में शामिल थीं अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की जानी-मानी हस्ती Sara Hooker, जिनका एक सोशल मीडिया पोस्ट अचानक वायरल हो गया।
सारा हूकर सैन फ्रांसिस्को स्थित स्टार्टअप Adaption की सह-संस्थापक और CEO हैं। इसके अलावा वह Cohere Labs की प्रमुख भी हैं, जो AI कंपनी Cohere की अनुसंधान शाखा है। AI मॉडल्स की निष्पक्षता, पारदर्शिता और जिम्मेदार उपयोग पर उनका शोध वैश्विक स्तर पर सराहा जाता है।
दिल्ली दौरे के दौरान सारा हूकर ने अपने अनुभव साझा करते हुए एक भावनात्मक पोस्ट लिखा। उन्होंने बताया कि वह एस्वातीनी और मोजांबीक में पली-बढ़ीं और बचपन में अक्सर बाटा के जूते पहनती थीं। उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह ब्रांड इतना वैश्विक होगा। इस व्यक्तिगत याद ने भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचा और पोस्ट तेजी से वायरल हो गया।
इसके अलावा उन्होंने दिल्ली ट्रैफिक और India Gate की तस्वीरें भी साझा कीं। अपने पोस्ट में उन्होंने दिल्ली के जीवंत माहौल और विविधता की सराहना की। AI समिट में उनके भाषण में जिम्मेदार AI विकास, उभरते देशों में तकनीकी पहुंच और विविधता की भूमिका जैसे विषय प्रमुख रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार, सारा हूकर उन चुनिंदा टेक नेताओं में हैं जो AI को केवल व्यावसायिक दृष्टिकोण से नहीं बल्कि सामाजिक प्रभाव के नजरिए से भी देखती हैं। उनका मानना है कि AI तकनीक को समावेशी और पारदर्शी बनाना जरूरी है ताकि इसका लाभ दुनिया के हर हिस्से तक पहुंचे।
दिल्ली में आयोजित इस समिट ने भारत को AI नवाचार के उभरते केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। सारा हूकर की मौजूदगी और उनके पोस्ट ने इस आयोजन को अतिरिक्त चर्चा दिलाई।
कुल मिलाकर, सारा हूकर का दिल्ली अनुभव और उनका सरल, मानवीय दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि तकनीक के शीर्ष पर बैठे लोग भी अपनी जड़ों और व्यक्तिगत यादों से जुड़े रहते हैं। यही कारण है कि उनका यह पोस्ट न केवल टेक जगत बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया।
सारा हूकर सैन फ्रांसिस्को स्थित स्टार्टअप Adaption की सह-संस्थापक और CEO हैं। इसके अलावा वह Cohere Labs की प्रमुख भी हैं, जो AI कंपनी Cohere की अनुसंधान शाखा है। AI मॉडल्स की निष्पक्षता, पारदर्शिता और जिम्मेदार उपयोग पर उनका शोध वैश्विक स्तर पर सराहा जाता है।
दिल्ली दौरे के दौरान सारा हूकर ने अपने अनुभव साझा करते हुए एक भावनात्मक पोस्ट लिखा। उन्होंने बताया कि वह एस्वातीनी और मोजांबीक में पली-बढ़ीं और बचपन में अक्सर बाटा के जूते पहनती थीं। उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह ब्रांड इतना वैश्विक होगा। इस व्यक्तिगत याद ने भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचा और पोस्ट तेजी से वायरल हो गया।
इसके अलावा उन्होंने दिल्ली ट्रैफिक और India Gate की तस्वीरें भी साझा कीं। अपने पोस्ट में उन्होंने दिल्ली के जीवंत माहौल और विविधता की सराहना की। AI समिट में उनके भाषण में जिम्मेदार AI विकास, उभरते देशों में तकनीकी पहुंच और विविधता की भूमिका जैसे विषय प्रमुख रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार, सारा हूकर उन चुनिंदा टेक नेताओं में हैं जो AI को केवल व्यावसायिक दृष्टिकोण से नहीं बल्कि सामाजिक प्रभाव के नजरिए से भी देखती हैं। उनका मानना है कि AI तकनीक को समावेशी और पारदर्शी बनाना जरूरी है ताकि इसका लाभ दुनिया के हर हिस्से तक पहुंचे।
दिल्ली में आयोजित इस समिट ने भारत को AI नवाचार के उभरते केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। सारा हूकर की मौजूदगी और उनके पोस्ट ने इस आयोजन को अतिरिक्त चर्चा दिलाई।
कुल मिलाकर, सारा हूकर का दिल्ली अनुभव और उनका सरल, मानवीय दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि तकनीक के शीर्ष पर बैठे लोग भी अपनी जड़ों और व्यक्तिगत यादों से जुड़े रहते हैं। यही कारण है कि उनका यह पोस्ट न केवल टेक जगत बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया।