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दक्षिण भारत प्रभावित
बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय हुआ
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव सक्रिय कई राज्यों में भारी बारिश अलर्ट जारी
21 Feb 2026, 04:14 PM
Tamil Nadu -
Chennai
Reporter :
Mahesh Sharma
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Chennai चेन्नई: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के सक्रिय होने से देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने दक्षिण भारत सहित लगभग 10 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र का प्रभाव सबसे ज्यादा दक्षिण भारत के राज्यों में देखने को मिलेगा। इसके कारण तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 से 24 फरवरी के बीच गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
केरल और माहे में 21 और 22 फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की आशंका भी व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस सिस्टम के कारण कई जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र से जुड़े इलाकों में मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है और खराब मौसम के दौरान समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है और 23 फरवरी के बाद मौसम में सुधार की संभावना है। हालांकि, तब तक दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।
मौसम पूर्वानुमान एजेंसियों का मानना है कि इस सिस्टम का असर प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिणी हिस्सों में ज्यादा रहेगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में इसका प्रभाव सीमित हो सकता है।
प्रशासन ने संभावित बारिश को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन निगरानी बनाए हुए है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखें और आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें। आने वाले कुछ दिनों तक दक्षिण भारत में मौसम अस्थिर बने रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र का प्रभाव सबसे ज्यादा दक्षिण भारत के राज्यों में देखने को मिलेगा। इसके कारण तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 से 24 फरवरी के बीच गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
केरल और माहे में 21 और 22 फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की आशंका भी व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस सिस्टम के कारण कई जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र से जुड़े इलाकों में मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है और खराब मौसम के दौरान समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है और 23 फरवरी के बाद मौसम में सुधार की संभावना है। हालांकि, तब तक दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।
मौसम पूर्वानुमान एजेंसियों का मानना है कि इस सिस्टम का असर प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिणी हिस्सों में ज्यादा रहेगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में इसका प्रभाव सीमित हो सकता है।
प्रशासन ने संभावित बारिश को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन निगरानी बनाए हुए है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखें और आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें। आने वाले कुछ दिनों तक दक्षिण भारत में मौसम अस्थिर बने रहने की संभावना जताई गई है।