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भिवंडी कोर्ट में पेशी
आरएसएस टिप्पणी पर मानहानि मामले में सुनवाई कल
मानहानि केस में राहुल गांधी की भिवंडी कोर्ट में कल अनिवार्य पेशी तय
20 Feb 2026, 05:18 PM
Maharashtra -
Bhiwandi
Reporter :
Mahesh Sharma
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Bhiwandi कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को महाराष्ट्र की भिवंडी अदालत में मानहानि मामले में पेश होना होगा। यह मामला साल 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर महात्मा गांधी की हत्या से संबंधित टिप्पणी की थी।
मामले की सुनवाई भिवंडी कोर्ट में निर्धारित है। अदालत ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। इस केस में नया मोड़ तब आया जब उनके पूर्व जमानतदार का निधन हो गया, जिसके बाद उन्हें नया जमानतदार पेश कर पुनः जमानत की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
जानकारी के अनुसार, आरएसएस से जुड़े राजेश कुंटे ने राहुल गांधी के खिलाफ यह मानहानि याचिका दायर की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि चुनावी भाषण के दौरान दिए गए बयान से संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा। इसी आधार पर अदालत में आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज किया गया।
राहुल गांधी के वकीलों ने पहले भी अदालत में दलील दी थी कि उनका बयान राजनीतिक संदर्भ में था और किसी संस्था विशेष को निशाना बनाकर नहीं दिया गया था। हालांकि, अदालत ने मामले को विचारणीय मानते हुए सुनवाई जारी रखी।
यह पहला अवसर नहीं है जब राहुल गांधी किसी बयान को लेकर कानूनी विवाद में फंसे हों। हाल के वर्षों में उनके कई राजनीतिक वक्तव्यों पर विभिन्न राज्यों में कानूनी चुनौतियां सामने आई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के मामले चुनावी माहौल में और अधिक संवेदनशील हो जाते हैं।
भिवंडी कोर्ट में होने वाली यह सुनवाई कानूनी और राजनीतिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि अदालत में जमानत की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो आगे की सुनवाई की तारीख तय की जाएगी।
कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया है, जबकि शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि यह केवल कानूनी प्रक्रिया है और अदालत के माध्यम से न्याय की मांग की जा रही है।
अब सभी की निगाहें अदालत की कार्यवाही पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि नए जमानतदार की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है और आगे की सुनवाई किस दिशा में बढ़ती है।
फिलहाल, राहुल गांधी को निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित होना अनिवार्य है, जिससे यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
मामले की सुनवाई भिवंडी कोर्ट में निर्धारित है। अदालत ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। इस केस में नया मोड़ तब आया जब उनके पूर्व जमानतदार का निधन हो गया, जिसके बाद उन्हें नया जमानतदार पेश कर पुनः जमानत की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
जानकारी के अनुसार, आरएसएस से जुड़े राजेश कुंटे ने राहुल गांधी के खिलाफ यह मानहानि याचिका दायर की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि चुनावी भाषण के दौरान दिए गए बयान से संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा। इसी आधार पर अदालत में आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज किया गया।
राहुल गांधी के वकीलों ने पहले भी अदालत में दलील दी थी कि उनका बयान राजनीतिक संदर्भ में था और किसी संस्था विशेष को निशाना बनाकर नहीं दिया गया था। हालांकि, अदालत ने मामले को विचारणीय मानते हुए सुनवाई जारी रखी।
यह पहला अवसर नहीं है जब राहुल गांधी किसी बयान को लेकर कानूनी विवाद में फंसे हों। हाल के वर्षों में उनके कई राजनीतिक वक्तव्यों पर विभिन्न राज्यों में कानूनी चुनौतियां सामने आई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के मामले चुनावी माहौल में और अधिक संवेदनशील हो जाते हैं।
भिवंडी कोर्ट में होने वाली यह सुनवाई कानूनी और राजनीतिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि अदालत में जमानत की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो आगे की सुनवाई की तारीख तय की जाएगी।
कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया है, जबकि शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि यह केवल कानूनी प्रक्रिया है और अदालत के माध्यम से न्याय की मांग की जा रही है।
अब सभी की निगाहें अदालत की कार्यवाही पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि नए जमानतदार की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है और आगे की सुनवाई किस दिशा में बढ़ती है।
फिलहाल, राहुल गांधी को निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित होना अनिवार्य है, जिससे यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।