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ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाए
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाइयां की हैं। उनका कहना है कि ये हमले ऐसे समय किए गए जब ईरान कूटनीतिक बातचीत में व्यस्त था। बघाई ने आरोप लगाया कि इन सैन्य हमलों का उद्देश्य ईरान को विभाजित करना और उसके तेल भंडार पर कब्जा करना है।
इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है, क्योंकि ईरान लगातार खुद को शांति समर्थक बताते हुए अमेरिका और इजरायल की कार्रवाइयों को नापसंद कर रहा है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और ईरान की संप्रभुता के खिलाफ हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेल और ऊर्जा संसाधनों पर नियंत्रण, क्षेत्रीय शक्ति के लिए हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। ईरान के प्रवक्ता के बयान ने मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है।
कूटनीतिक बातचीत के दौरान हुए हमले
इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि अमेरिका और इजरायल के हमले ऐसे समय हुए जब ईरान शांति और कूटनीति के लिए सक्रिय प्रयास कर रहा था। उनका आरोप है कि इन सैन्य कार्रवाईयों से वार्ता की प्रक्रिया बाधित हुई और क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा।
ईरान का यह दावा है कि युद्ध और सैन्य हमलों का मकसद केवल देश की अखंडता और संसाधनों पर नियंत्रण हासिल करना था। बघाई ने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा और तेल भंडार की रक्षा के लिए तैयार है।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के अनुसार, तेल पर नियंत्रण के लिए बड़े देशों की रणनीति हमेशा तनाव और संघर्ष को बढ़ाती रही है। इस मामले में भी अमेरिका और इजरायल की भूमिका इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
अमेरिका पर तेल भंडार नियंत्रण का आरोप
ईरान का कहना है कि अमेरिका और इजरायल का मुख्य उद्देश्य देश के तेल भंडार पर कब्जा करना है। इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि मध्य पूर्व में ऊर्जा संसाधनों की अहमियत देखते हुए इन देशों ने सीधे हमले किए।
तेल भंडार का नियंत्रण न केवल आर्थिक बल्कि राजनीतिक शक्ति भी देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान का यह बयान क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की चेतावनी है।
ईरान ने संकेत दिया कि किसी भी तरह की कोशिश पर वह कठोर प्रतिक्रिया देगा। उन्होंने क्षेत्रीय देशों और वैश्विक समुदाय से भी अपील की कि वे संघर्ष को बढ़ाने वाली गतिविधियों से बचें।
नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का पदार्पण
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा खामेनेई को नए सुप्रीम लीडर के रूप में चुना गया है। इस्माइल बघाई ने नए नेतृत्व के समर्थन और अमेरिका-इजरायल के खिलाफ ईरान की मजबूती का संदेश दिया।
मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान ने संकेत दिया है कि देश अपनी संप्रभुता और तेल भंडार की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। उनका बयान अमेरिका और इजरायल के लिए स्पष्ट चेतावनी है कि ईरान को कमजोर नहीं किया जा सकता।
विश्लेषकों का कहना है कि नया नेतृत्व ईरान की रक्षा नीतियों को और सख्त बनाने के लिए सक्रिय होगा।
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