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वैश्विक संकटों के बीच भारत की मजबूती बनी रही
रायपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत की वैश्विक स्थिति और मजबूती पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में दुनिया ने कई बड़े झटकों का सामना किया है, जिनमें महामारी, आर्थिक संकट और अंतरराष्ट्रीय तनाव शामिल हैं। इन परिस्थितियों ने कई देशों की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे को प्रभावित किया, लेकिन भारत ने इन चुनौतियों का सामना मजबूती से किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की नीतियों और रणनीतियों ने देश को स्थिर बनाए रखा और विकास की दिशा में आगे बढ़ने में मदद की।
डिजिटल क्रांति ने बदल दी देश की तस्वीर
विदेश मंत्री ने भारत की मजबूती के पीछे डिजिटल क्रांति को एक प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने तकनीक को तेजी से अपनाया और उसे आम लोगों तक पहुंचाया। डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन सेवाएं और तकनीकी नवाचारों ने न केवल अर्थव्यवस्था को गति दी, बल्कि आम नागरिकों के जीवन को भी आसान बनाया। इस बदलाव ने देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया और संकट के समय में भी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में मदद की।
आत्मनिर्भरता की नीति ने दी नई दिशा
अपने संबोधन में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि देश ने अपनी क्षमताओं को पहचानते हुए कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम किया है। इससे न केवल आयात पर निर्भरता कम हुई, बल्कि देश के भीतर उत्पादन और रोजगार के अवसर भी बढ़े। आत्मनिर्भरता ने भारत को वैश्विक संकटों के दौरान अधिक सुरक्षित और सक्षम बनाया।
खाद्य, स्वास्थ्य और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर
विदेश मंत्री ने कहा कि आज के समय में खाद्य, स्वास्थ्य और ऊर्जा सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि वैश्विक स्तर पर संसाधनों का उपयोग कई बार रणनीतिक हथियार के रूप में किया जाता है। ऐसे में भारत को इन क्षेत्रों में मजबूत होना आवश्यक है, ताकि किसी भी संकट का सामना प्रभावी तरीके से किया जा सके।
युवाओं को दी नई सोच और दिशा
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें भविष्य के लिए तैयार रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया तेजी से बदल रही है और युवाओं को इन बदलावों के साथ खुद को ढालना होगा। शिक्षा, कौशल और नवाचार के माध्यम से वे देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
भारत की नीतियों से बढ़ा वैश्विक विश्वास
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि भारत की नीतियों और दृष्टिकोण ने वैश्विक स्तर पर देश की साख को मजबूत किया है। आज भारत एक विश्वसनीय और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत और अधिक मजबूती के साथ वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका निभाएगा।
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