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राजनीतिक बयान
AI समिट में हुए प्रदर्शन पर विवाद बढ़ता गया
AI समिट प्रदर्शन पर विपक्षी नेताओं की नाराजगी मायावती और अखिलेश ने जताई कड़ी आपत्ति
21 Feb 2026, 04:33 PM
Delhi -
New Delhi
Reporter :
Mahesh Sharma
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New Delhi राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इंडिया समिट 2026 के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। विभिन्न दलों के नेताओं ने इस घटना की आलोचना करते हुए इसे अनुचित और देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख Mayawati ने इस प्रदर्शन को अशोभनीय और निंदनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि AI समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम भारत की तकनीकी प्रगति और वैश्विक पहचान को मजबूत करने का अवसर होते हैं। ऐसे आयोजनों में इस तरह का प्रदर्शन देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने भी विरोध प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध का तरीका और स्थान भी महत्वपूर्ण होता है। उनके अनुसार राजनीतिक मतभेदों को सभ्य तरीके से सामने लाया जाना चाहिए।
अन्य क्षेत्रीय नेताओं ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की छवि का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं भारत के तकनीकी और आर्थिक प्रयासों पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।
ज्ञात हो कि AI इंडिया समिट 2026 के दौरान कुछ यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें मौके से हटा दिया।
इस घटना के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक तरफ जहां कुछ दलों ने प्रदर्शन के तरीके को गलत बताया है, वहीं कुछ नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की बात भी उठाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना जरूरी होता है। इस घटना के बाद भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख Mayawati ने इस प्रदर्शन को अशोभनीय और निंदनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि AI समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम भारत की तकनीकी प्रगति और वैश्विक पहचान को मजबूत करने का अवसर होते हैं। ऐसे आयोजनों में इस तरह का प्रदर्शन देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने भी विरोध प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध का तरीका और स्थान भी महत्वपूर्ण होता है। उनके अनुसार राजनीतिक मतभेदों को सभ्य तरीके से सामने लाया जाना चाहिए।
अन्य क्षेत्रीय नेताओं ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की छवि का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं भारत के तकनीकी और आर्थिक प्रयासों पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।
ज्ञात हो कि AI इंडिया समिट 2026 के दौरान कुछ यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें मौके से हटा दिया।
इस घटना के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक तरफ जहां कुछ दलों ने प्रदर्शन के तरीके को गलत बताया है, वहीं कुछ नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की बात भी उठाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना जरूरी होता है। इस घटना के बाद भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।