Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- स्वास्थ्य
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
SC में अनिल का भरोसा
सुप्रीम कोर्ट में अनिल अंबानी का आश्वासन अनुमति बिना देश नहीं छोड़ेंगे
ईडी समन सुप्रीम कोर्ट मनी लॉन्ड्रिंग बैंक फ्रॉड रिलायंस ग्रुप हलफनामा सहयोग जांच विदेश यात्रा प्रतिबद्धता
19 Feb 2026, 03:46 PM
Maharashtra -
Mumbai
Reporter :
Mahesh Sharma
ADVERTISEMENT
Sponsored
Ad
Open
Mumbai मुंबई: उद्योगपति Anil Ambani ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया है कि वह अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे। कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा भेजे गए नए समन के बीच उन्होंने यह आश्वासन दिया है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला रिलायंस समूह से जुड़ी कंपनियों द्वारा लिए गए हजारों करोड़ रुपये के कर्ज और उसके कथित दुरुपयोग से संबंधित है। ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है। हाल ही में एजेंसी ने अनिल अंबानी को नया समन जारी कर पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा था।
सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में अनिल अंबानी ने कहा कि उनका रोल सीमित प्रकृति का है और वे जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया कि यदि विदेश यात्रा की आवश्यकता होगी तो वे पहले न्यायालय से अनुमति प्राप्त करेंगे।
इस मामले में ईडी का दावा है कि रिलायंस समूह की कुछ कंपनियों द्वारा लगभग 40,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक ऋण से जुड़े लेन-देन में अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि, अनिल अंबानी की ओर से कहा गया है कि वे किसी भी जांच से भाग नहीं रहे हैं और न ही देश छोड़ने की कोई योजना है।
यह मामला कारोबारी जगत में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। अनिल अंबानी, जो उद्योगपति Mukesh Ambani के छोटे भाई हैं, पहले भी वित्तीय चुनौतियों और कर्ज पुनर्गठन से जुड़े मामलों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट में दिया गया यह आश्वासन जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए संबंधित पक्षों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
ईडी की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रकरण का असर संबंधित कंपनियों की छवि और निवेशकों के विश्वास पर पड़ सकता है।
फिलहाल, अनिल अंबानी ने साफ कर दिया है कि वे कानून का सम्मान करते हैं और जांच में पूरा सहयोग देंगे। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और ईडी की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला रिलायंस समूह से जुड़ी कंपनियों द्वारा लिए गए हजारों करोड़ रुपये के कर्ज और उसके कथित दुरुपयोग से संबंधित है। ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है। हाल ही में एजेंसी ने अनिल अंबानी को नया समन जारी कर पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा था।
सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में अनिल अंबानी ने कहा कि उनका रोल सीमित प्रकृति का है और वे जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया कि यदि विदेश यात्रा की आवश्यकता होगी तो वे पहले न्यायालय से अनुमति प्राप्त करेंगे।
इस मामले में ईडी का दावा है कि रिलायंस समूह की कुछ कंपनियों द्वारा लगभग 40,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक ऋण से जुड़े लेन-देन में अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि, अनिल अंबानी की ओर से कहा गया है कि वे किसी भी जांच से भाग नहीं रहे हैं और न ही देश छोड़ने की कोई योजना है।
यह मामला कारोबारी जगत में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। अनिल अंबानी, जो उद्योगपति Mukesh Ambani के छोटे भाई हैं, पहले भी वित्तीय चुनौतियों और कर्ज पुनर्गठन से जुड़े मामलों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट में दिया गया यह आश्वासन जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए संबंधित पक्षों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
ईडी की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रकरण का असर संबंधित कंपनियों की छवि और निवेशकों के विश्वास पर पड़ सकता है।
फिलहाल, अनिल अंबानी ने साफ कर दिया है कि वे कानून का सम्मान करते हैं और जांच में पूरा सहयोग देंगे। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और ईडी की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।