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जबलपुर सिहोरा तनाव पत्थरबाज हिरासत
मंदिर और मस्जिद विवाद में 20 संदिग्धों को पुलिस हिरासत में लिया
जबलपुर के सिहोरा में मंदिर-मस्जिद विवाद के बाद पुलिस ने 20 पत्थरबाज हिरासत में लिया
20 Feb 2026, 12:22 PM
Madhya Pradesh -
Jabalpur
Reporter :
Mahesh Sharma
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Jabalpur जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील के आजाद चौक क्षेत्र में गुरुवार रात मंदिर और मस्जिद में धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान विवाद फैल गया। विवाद की शुरुआत लगभग रात 9:30 बजे हुई, जब स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर में आरती और मस्जिद में नमाज का समय एक-दूसरे के करीब पड़ गया। इस कारण दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया।
स्थानीय प्रशासन ने तुरंत स्थिति पर कड़ा नियंत्रण लगाया। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने पुष्टि की कि अब तक 20 संदिग्ध पत्थरबाजों को हिरासत में लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान की गई और आवश्यक कार्रवाई की गई।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल धारा 144 लागू नहीं की गई है क्योंकि स्थिति पूरी तरह काबू में है। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर आजाद चौक और आसपास के इलाके में पुलिस और जिला प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कोई नया विवाद उत्पन्न न हो।
सांप्रदायिक विवाद के समय कोई बड़ा नुकसान या घायल होने की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। यह घटना सिहोरा इलाके में पहले से जारी सामाजिक तनाव को लेकर चिंता का विषय बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों का समय और स्थान अगर सही तरीके से समन्वयित किया जाए तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है। प्रशासन ने भी इस दिशा में आगे कदम उठाने की बात कही है, ताकि भविष्य में किसी भी सांप्रदायिक विवाद की संभावना न्यूनतम रहे।
स्थानीय समुदाय के नेताओं ने भी शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि दो समुदायों के बीच संवाद और समझदारी से ही तनाव को नियंत्रित किया जा सकता है। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ा दी है।
इस घटना ने यह दर्शाया कि धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान समय और स्थान का उचित प्रबंधन कितना महत्वपूर्ण है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सतर्क निगरानी ने बड़ी हिंसा को रोकने में मदद की।
स्थानीय प्रशासन ने तुरंत स्थिति पर कड़ा नियंत्रण लगाया। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने पुष्टि की कि अब तक 20 संदिग्ध पत्थरबाजों को हिरासत में लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान की गई और आवश्यक कार्रवाई की गई।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल धारा 144 लागू नहीं की गई है क्योंकि स्थिति पूरी तरह काबू में है। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर आजाद चौक और आसपास के इलाके में पुलिस और जिला प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कोई नया विवाद उत्पन्न न हो।
सांप्रदायिक विवाद के समय कोई बड़ा नुकसान या घायल होने की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। यह घटना सिहोरा इलाके में पहले से जारी सामाजिक तनाव को लेकर चिंता का विषय बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों का समय और स्थान अगर सही तरीके से समन्वयित किया जाए तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है। प्रशासन ने भी इस दिशा में आगे कदम उठाने की बात कही है, ताकि भविष्य में किसी भी सांप्रदायिक विवाद की संभावना न्यूनतम रहे।
स्थानीय समुदाय के नेताओं ने भी शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि दो समुदायों के बीच संवाद और समझदारी से ही तनाव को नियंत्रित किया जा सकता है। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ा दी है।
इस घटना ने यह दर्शाया कि धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान समय और स्थान का उचित प्रबंधन कितना महत्वपूर्ण है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सतर्क निगरानी ने बड़ी हिंसा को रोकने में मदद की।