Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- स्वास्थ्य
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
हिमाचल एंट्री फीस बढ़ी
बाहरी राज्यों के वाहनों की एंट्री फीस ढाई गुना बढ़ी।
हिमाचल में एंट्री फीस ढाई गुना बढ़ी शिमला आने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त भुगतान करना होगा
20 Feb 2026, 11:23 AM
Himachal Pradesh -
Manali
Reporter :
Mahesh Sharma
ADVERTISEMENT
Sponsored
Ad
Open
Manali हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के राजस्व में वृद्धि और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए एंट्री फीस में बड़ा इजाफा कर दिया है। मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu के नेतृत्व वाली सरकार ने नई बैरियर नीति जारी की है, जिसके तहत राज्य में प्रवेश करने वाले वाहनों को अब पहले से ढाई गुना अधिक भुगतान करना होगा।
नयी दरों के अनुसार, अब सामान्य वाहनों को हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने के लिए 170 रुपये देने होंगे। पहले यह शुल्क 70 रुपये था। इस वृद्धि का असर सीधे उन पर्यटकों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ेगा, जो निजी वाहन या बस से राज्य में यात्रा करते हैं।
हिमाचल प्रदेश में कुल 55 एंट्री बैरियर हैं, जो बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के प्रवेश बिंदु के रूप में काम करते हैं। प्रमुख बैरियर जैसे कालका, मानाली, चंडीगढ़ मार्ग और धर्मशाला के नजदीकी बिंदु इस नीति के तहत शुल्क वसूलेंगे। सरकार का उद्देश्य इन बैरियर्स के माध्यम से राजस्व संग्रह को अधिक प्रभावी बनाना है।
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। हर साल लाखों पर्यटक यहाँ आते हैं, विशेषकर शिमला, मनाली, धर्मशाला और किन्नौर क्षेत्र में। नई एंट्री फीस से पर्यटन क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ सकता है, क्योंकि अतिरिक्त शुल्क के कारण यात्रियों की लागत बढ़ जाएगी।
व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है। राज्य में आने-जाने वाले ट्रक और वाणिज्यिक वाहन भी इस नई फीस के अधीन आएंगे, जिससे माल ढुलाई और परिवहन की लागत में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, सरकार का मानना है कि यह कदम राज्य की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने और स्थायी विकास सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
सैलानी और स्थानीय नागरिक दोनों ही नई नीति को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे पर्यटन के लिए बाधा मान रहे हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञ इसे हिमाचल प्रदेश की आर्थिक मजबूती के लिए आवश्यक कदम बता रहे हैं।
राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि नई एंट्री फीस का संग्रह पारदर्शी तरीके से किया जाएगा और इससे मिलने वाले अतिरिक्त राजस्व का उपयोग पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क विकास और सुरक्षा में किया जाएगा।
आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई बैरियर नीति का असर राज्य में पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों पर किस हद तक पड़ता है।
नयी दरों के अनुसार, अब सामान्य वाहनों को हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने के लिए 170 रुपये देने होंगे। पहले यह शुल्क 70 रुपये था। इस वृद्धि का असर सीधे उन पर्यटकों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ेगा, जो निजी वाहन या बस से राज्य में यात्रा करते हैं।
हिमाचल प्रदेश में कुल 55 एंट्री बैरियर हैं, जो बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के प्रवेश बिंदु के रूप में काम करते हैं। प्रमुख बैरियर जैसे कालका, मानाली, चंडीगढ़ मार्ग और धर्मशाला के नजदीकी बिंदु इस नीति के तहत शुल्क वसूलेंगे। सरकार का उद्देश्य इन बैरियर्स के माध्यम से राजस्व संग्रह को अधिक प्रभावी बनाना है।
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। हर साल लाखों पर्यटक यहाँ आते हैं, विशेषकर शिमला, मनाली, धर्मशाला और किन्नौर क्षेत्र में। नई एंट्री फीस से पर्यटन क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ सकता है, क्योंकि अतिरिक्त शुल्क के कारण यात्रियों की लागत बढ़ जाएगी।
व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है। राज्य में आने-जाने वाले ट्रक और वाणिज्यिक वाहन भी इस नई फीस के अधीन आएंगे, जिससे माल ढुलाई और परिवहन की लागत में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, सरकार का मानना है कि यह कदम राज्य की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने और स्थायी विकास सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
सैलानी और स्थानीय नागरिक दोनों ही नई नीति को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे पर्यटन के लिए बाधा मान रहे हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञ इसे हिमाचल प्रदेश की आर्थिक मजबूती के लिए आवश्यक कदम बता रहे हैं।
राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि नई एंट्री फीस का संग्रह पारदर्शी तरीके से किया जाएगा और इससे मिलने वाले अतिरिक्त राजस्व का उपयोग पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क विकास और सुरक्षा में किया जाएगा।
आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई बैरियर नीति का असर राज्य में पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों पर किस हद तक पड़ता है।