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आतंकियों को सात पीढ़ियों सजा
कश्मीरी पंडितों के लिए न्याय आतंकियों को सख्त चेतावनी दी
जम्मू-कश्मीर के LG मनोज सिन्हा ने आतंकवादियों को सात पीढ़ियों तक याद रहेगी चेतावनी दी
20 Feb 2026, 12:27 PM
Jammu and Kashmir -
Srinagar
Reporter :
Mahesh Sharma
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Srinagar जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एवं लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने हाल ही में आतंकवादियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्र के खिलाफ षड्यंत्र करने वाले आतंकवादी और उनके समर्थनकर्ता गंभीर परिणाम भुगतेंगे। उनके अनुसार, आतंकियों को ऐसी सजा दी जाएगी, जिसे उनकी आने वाली सात पीढ़ियां भी याद रखेंगी।
एलजी ने इस दौरान कश्मीरी पंडितों के संघर्ष और उनके धैर्य को भी सराहा। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों ने पिछले 37 सालों में विस्थापन और कई मुश्किलों का सामना किया है। इस दौरान उनके साथ हुए अत्याचार और नरसंहार की घटनाओं को भुलाया नहीं जा सकता। सिन्हा ने कहा कि प्रशासन उनकी सुरक्षा और पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहा है।
मनोज सिन्हा ने यह भी कहा कि आतंकवाद को समाप्त करने के लिए कश्मीर में सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उनके अनुसार, आतंकियों के समर्थन में शामिल लोग भी कानूनी कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे।
एलजी ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों से कहा कि वे किसी भी संभावित खतरे या आतंकवादी गतिविधियों पर लगातार नजर रखें। उन्होंने समुदायों के बीच शांति बनाए रखने के लिए भी अपील की। उनका संदेश साफ था: कश्मीर में शांति और सुरक्षा ही प्राथमिकता है, और किसी भी तरह के हिंसक कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सिन्हा ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के नरसंहार जैसी भयानक घटनाएं न केवल दुखद हैं, बल्कि राष्ट्रीय एकता के लिए भी खतरा हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास, उनके सामाजिक और आर्थिक उत्थान पर विशेष ध्यान दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एलजी के इस कड़े संदेश का उद्देश्य आतंकवादियों को मानसिक रूप से चेतावनी देना और नागरिकों के बीच सुरक्षा का विश्वास बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का यह रुख राज्य में स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।
इस बयान के साथ ही मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों की जानकारी दी और समुदायों को भी आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
एलजी ने इस दौरान कश्मीरी पंडितों के संघर्ष और उनके धैर्य को भी सराहा। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों ने पिछले 37 सालों में विस्थापन और कई मुश्किलों का सामना किया है। इस दौरान उनके साथ हुए अत्याचार और नरसंहार की घटनाओं को भुलाया नहीं जा सकता। सिन्हा ने कहा कि प्रशासन उनकी सुरक्षा और पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहा है।
मनोज सिन्हा ने यह भी कहा कि आतंकवाद को समाप्त करने के लिए कश्मीर में सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उनके अनुसार, आतंकियों के समर्थन में शामिल लोग भी कानूनी कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे।
एलजी ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों से कहा कि वे किसी भी संभावित खतरे या आतंकवादी गतिविधियों पर लगातार नजर रखें। उन्होंने समुदायों के बीच शांति बनाए रखने के लिए भी अपील की। उनका संदेश साफ था: कश्मीर में शांति और सुरक्षा ही प्राथमिकता है, और किसी भी तरह के हिंसक कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सिन्हा ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के नरसंहार जैसी भयानक घटनाएं न केवल दुखद हैं, बल्कि राष्ट्रीय एकता के लिए भी खतरा हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास, उनके सामाजिक और आर्थिक उत्थान पर विशेष ध्यान दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एलजी के इस कड़े संदेश का उद्देश्य आतंकवादियों को मानसिक रूप से चेतावनी देना और नागरिकों के बीच सुरक्षा का विश्वास बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का यह रुख राज्य में स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।
इस बयान के साथ ही मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों की जानकारी दी और समुदायों को भी आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की।