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मेरठ के चौधरी चरण सिंह विवि में बुधवार को दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर चिंता जताई। साथ ही कहा कि शिक्षण संस्थाओं में नशामुक्त माहौल जरूरी है।
सीसीएसयू के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं के बीच बढ़ते नशे पर चिंता जताते हुए कहा कि वह विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रावासों में ड्रग्स सप्लाई से जुड़ी तस्वीरें कुलपतियों को दिखा चुकी हैं। शिक्षण संस्थानों का माहौल नशामुक्त होना चाहिए और विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण शिक्षा का सबसे बड़ा उद्देश्य है।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि अच्छे चरित्र, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्माण करने का साधन है। उन्होंने भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य ऐसे नागरिक तैयार करना है, जो राष्ट्र और मानवता की सेवा के लिए समर्पित हों।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री से भी अधिक महत्वपूर्ण उनका चरित्र है। व्यक्ति की पहचान उसके संस्कार, व्यवहार और नैतिक मूल्यों से होती है। जीवन में सफलता केवल अंकों और उपलब्धियों से नहीं, बल्कि अच्छे चरित्र और स्वस्थ जीवनशैली से तय होती है।
आनंदीबेन पटेल ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। यह धीरे-धीरे व्यक्ति की प्रतिभा, स्वास्थ्य, सपनों और परिवार की उम्मीदों को खत्म कर देता है। जिस दिन कोई युवा नशे की गिरफ्त में आता है, उसी दिन उसके माता-पिता के वर्षों के परिश्रम और राष्ट्र की अपेक्षाओं को भी गहरा आघात पहुंचता है। देश का भविष्य युवाशक्ति पर निर्भर करता है, इसलिए युवाओं का स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार होना जरूरी है।
समान अवसर मिलें तो बेटियां रचती हैं नए कीर्तिमान : आनंदीबेन पटेल
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि बेटियों को यदि समान अवसर और बेहतर वातावरण मिले तो वे शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार सहित हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर सकती हैं। छात्राओं की सफलता इस बात का प्रमाण भी है।
राज्यपाल ने कहा कि जिन महापुरुषों ने अपना संपूर्ण जीवन समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित किया, उनके नाम पर विश्वविद्यालयों का नामकरण इसलिए किया जाता है ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सके।
राज्यपाल ने कहा कि चौधरी चरण सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विश्वविद्यालय में नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। इससे विद्यार्थियों में राष्ट्रहित, सेवा और कर्तव्यबोध की भावना विकसित हो सकेगी। उन्होंने समाज में बेटियों के प्रति भेदभाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज भी कई परिवारों में बेटों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि बेटियां हर क्षेत्र में परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर रही हैं। बेटा और बेटी दोनों को समान अवसर, समान शिक्षा और समान संस्कार मिलने चाहिए। किसी भी प्रकार का भेदभाव समाज की प्रगति में बाधक है।
इस दौरान राज्यपाल ने विवि परिसर में निर्मित विभिन्न भवनों का ऑनलाइन लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आंगनबाड़ी किट और प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को पुस्तकें वितरित कीं। बुलंदशहर, हापुड़ और गाजियाबाद के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
नई तकनीक और नवाचार से बनेगा विकसित भारत : डॉ. हिमांशु शुक्ला
समारोह के मुख्य अतिथि एवं इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर द सेमी-एरिड ट्रॉपिक्स (आईसीआरआईसैट) के महानिदेशक डॉ. हिमांशु शुक्ला ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं बल्कि नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से विज्ञान, तकनीक, अनुसंधान, कौशल विकास और नवाचार के साथ स्वयं को लगातार अपडेट रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को युवा शक्ति ही साकार करेगी।
डिग्री समाज के प्रति उत्तरदायित्व का संकल्प : रजनी तिवारी
समारोह में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि डिग्री केवल प्रमाण-पत्र नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का संकल्प है। उन्होंने नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, स्टार्टअप, डिजिटल अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अनुसंधान को भविष्य की जरूरत बताते हुए युवाओं से भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण को भी अपनाने की अपील की।
कुलपति ने गिनाईं विवि की उपलब्धियां
विवि की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध एवं विस्तार गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 66,971 डिग्रियां डिजिलॉकर में अपलोड की गईं। राज्यपाल ने भी डिजिलॉकर के प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 का कुलाधिपति स्वर्ण पदक एमए (ड्राइंग एंड पेंटिंग) की छात्रा काजल को, डॉ. शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक एलएलएम की छात्रा मुक्ता भारद्वाज को प्रदान किया गया।
किसान ट्रस्ट, नई दिल्ली की ओर से चौधरी चरण सिंह स्मृति प्रतिभा पुरस्कार बीएससी कृषि की छात्रा वर्णिका शर्मा तथा चौधरी चरण सिंह स्मृति पुरस्कार रुचि कुमारी को दिया गया। समारोह में विधायक गुलाम मोहम्मद, एमएलसी श्रीचंद शर्मा, जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, कुलसचिव प्रो. भूपेंद्र सिंह, विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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