Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
तमिलनाडु में ब्राह्मण राजनीति हाशिए
तमिलनाडु में ब्राह्मण उम्मीदवारों की राजनीति हाशिए पर, बीजेपी समेत बड़े दल चुनाव में नहीं उतार रहे उम्मीदवार
06 Apr 2026, 12:28 PM Tamil Nadu - Chennai
Reporter : Mahesh Sharma
Chennai

ब्राह्मण उम्मीदवारों की घटती सियासी भूमिका

तमिलनाडु की राजनीतिक परिदृश्य में इस बार ब्राह्मण उम्मीदवारों की भूमिका काफी हद तक कम हो गई है। डीएमके, कांग्रेस, AIADMK और बीजेपी जैसे बड़े दलों ने 234 विधानसभा सीटों में किसी भी ब्राह्मण उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया। पिछले दशकों में ब्राह्मण समाज ने राज्य की सियासत में अपनी छाप छोड़ी थी, लेकिन द्रविड़ आंदोलन और सामाजिक न्याय की राजनीति के चलते अब उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी हाशिए पर पहुंच गई है। राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि यह बदलाव तमिलनाडु की सामाजिक संरचना और जातीय समीकरणों का नतीजा है।

दल क्यों दे रहे हैं ब्राह्मणों से किनारा

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार तमिलनाडु की कुल जनसंख्या में ब्राह्मणों का हिस्सा केवल 3 प्रतिशत है। इसलिए बड़े दल चुनावी रणनीति में जातीय और सामाजिक समीकरणों पर ध्यान देते हुए ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनकी वोट बैंक में ताकत ज्यादा है। AIADMK और बीजेपी ने भी इस बार ब्राह्मण उम्मीदवारों को नजरअंदाज किया क्योंकि उन्हें लगा कि चुनावी सफलता के लिए अन्य जातियों और समुदायों के उम्मीदवारों का चुनाव ज्यादा प्रभावी रहेगा।

डीएमके और कांग्रेस की रणनीति

डीएमके और कांग्रेस गठबंधन ने कुल 164 और 28 सीटों पर चुनाव लड़ा है, लेकिन दोनों दलों ने ब्राह्मणों को टिकट नहीं दिया। इसका कारण यह बताया गया कि राजनीतिक जीत के लिए दलों को ऐसे उम्मीदवार चुनने की आवश्यकता थी जिनका समर्थन समुदायों और समाज के बड़े वर्ग से हो। इस बार का चुनाव तमिलनाडु की सामाजिक न्याय राजनीति का परीक्षण भी है, जिसमें ब्राह्मणों की भूमिका नगण्य नजर आ रही है।

एनडीए गठबंधन की स्थिति

एनडीए गठबंधन में शामिल AIADMK ने 178 और बीजेपी ने 27 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन ब्राह्मण उम्मीदवारों का दांव इस बार पूरी तरह से नहीं खेला। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दलों ने जातीय समीकरण के आधार पर यह निर्णय लिया। पीएमके ने भी 18 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए, लेकिन कोई ब्राह्मण उम्मीदवार नहीं था। यह रणनीति चुनावी जीत को प्राथमिकता देने वाली है, न कि समाज में ब्राह्मणों की राजनीतिक हिस्सेदारी बढ़ाने वाली।

सामाजिक न्याय का प्रभाव

तमिलनाडु को सामाजिक न्याय की प्रयोगशाला माना जाता है। पिछले दशकों में द्रविड़ आंदोलन ने जातीय समीकरण और सामाजिक न्याय को मजबूत किया। इस वजह से ब्राह्मण उम्मीदवारों को कम महत्व दिया जा रहा है। राजनीतिक दलों के लिए यह चुनौती भी है कि कैसे छोटे समुदायों के वोट बैंक और सामाजिक समीकरणों का संतुलन बनाए रखें। चुनावी रणनीति में सामाजिक न्याय का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

भविष्य में ब्राह्मण राजनीति की राह

विशेषज्ञों का कहना है कि तमिलनाडु में ब्राह्मण राजनीति फिलहाल हाशिए पर है, लेकिन यह पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के बदलाव के साथ भविष्य में ब्राह्मण उम्मीदवारों को फिर से प्रमुखता मिल सकती है। इस बार के चुनाव ने साफ कर दिया है कि तमिलनाडु में जातीय समीकरण और सामाजिक न्याय राजनीति की ताकत सबसे अधिक है, और यही अगले चुनावों में दलों की रणनीति तय करेगी।

ADVERTISEMENT Sponsored
Advertisement
Ad
Open

Latest News

Feed shows today's latest first, then previous days to complete up to 50 items.
thumb
बेगूसराय के स्कूल में शराब का जखीरा मिला, चौथी का छात्र नशे में घर पहुंचा, बाथरूम से बरामद हुई विदेशी शराब
April 07, 2026
thumb
सीवान में सियासी वर्चस्व की जंग ने फिर पकड़ा तूल, पथराव और फायरिंग के बीच बढ़ा विवाद, हत्या के आरोप तक मामला पहुंचा
April 07, 2026
thumb
मधेपुरा में घरेलू विवाद बना हत्या की वजह, पति ने पत्नी को मारकर बांसवाड़ी में दफनाया, रिश्तों को झकझोरने वाली वारदात
April 07, 2026
thumb
मेरठ सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण: व्यापारियों का आरपार की लड़ाई का एलान, रात भर चलीं बैठकें, सुबह हटाए बोर्ड
April 07, 2026
thumb
पटना में 35 लाख की रहस्यमयी चोरी, घर का बाकी सामान सुरक्षित छोड़ चोरों ने सिर्फ सोने-हीरे के जेवर उड़ाए
April 07, 2026
thumb
दिल्ली विधानसभा में कार घुसाने से सुरक्षा पर सवाल, आरोपी गिरफ्तार लेकिन मकसद अब भी साफ नहीं, जांच जारी
April 07, 2026
thumb
लखनऊ में आतंकी साजिश का बड़ा खुलासा, टेलीग्राम नेटवर्क के जरिए युवाओं को जोड़ रहा था साकिब, दिल्ली जैसे धमाकों की चर्चा
April 07, 2026
thumb
‘IITian बाबा’ की प्रेम कहानी और साधना का सफर, आश्रम में मुलाकात से शादी तक अब आध्यात्मिक यूनिवर्सिटी का सपना
April 07, 2026
thumb
रामपुर में बीमा के लालच में पति बना हैवान, पत्नी और मासूम बेटे की हत्या कर हादसा दिखाने की खौफनाक साजिश
April 07, 2026
thumb
गाजियाबाद में पुलिस की कार्रवाई, मुठभेड़ के बाद 25 हजार का इनामी बदमाश घायल, साथी सहित गिरफ्तारी से खुली कई वारदातें
April 07, 2026
ADVERTISEMENT Sponsored
Advertisement Open