Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- स्वास्थ्य
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
फर्जी कंपनियां GST धोखाधड़ी मेरठ
दो आरोपियों ने फर्जी बिलिंग से 70 करोड़ का लाभ उठाया
मेरठ क्राइम ब्रांच ने पकड़े पंजाब के दो आरोपी 70 करोड़ की फर्जी GST धोखाधड़ी
21 Feb 2026, 02:47 PM
Uttar Pradesh -
Meerut
Reporter :
Mahesh Sharma
ADVERTISEMENT
Sponsored
Ad
Open
Meerut मेरठ क्राइम ब्रांच ने एक बड़े जीएसटी फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए पंजाब के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी कंपनियों के जरिए करीब 70 करोड़ रुपये का लेनदेन दिखाया और वास्तविक माल या सेवा के बिना ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हड़प लिया।
थाना बहसूमा में दर्ज इस केस की जांच की जिम्मेदारी सीओ सुचिता सिंह ने संभाली। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी कंपनियां बनाई और फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड का इस्तेमाल कर इन कंपनियों के नाम पर GST रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद उन्होंने बड़े पैमाने पर फर्जी बिल जारी कर लाखों का टैक्स क्रेडिट हासिल किया।
पुलिस ने बताया कि इस धोखाधड़ी के जरिए आरोपियों ने कुल 7 करोड़ रुपये की राशि हड़प ली। यह एक संगठित और पूर्व नियोजित योजना थी जिसमें डिजिटल साक्ष्यों को भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। लैपटॉप और मोबाइल जैसे उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनमें से फर्जी बिलिंग और लेन-देन से जुड़े डिजिटल सबूत प्राप्त किए जा रहे हैं।
जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी सिर्फ वित्तीय लाभ के लिए इस घोटाले को अंजाम दे रहे थे और उन्होंने कई कंपनियों और बिजनेस नेटवर्क के माध्यम से यह फ्रॉड किया। मेरठ पुलिस इस मामले में और गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि पूरी फर्जी बिलिंग के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक का संबंध पंजाब के बड़े व्यापारिक नेटवर्क से है। यह मामला ना केवल GST फ्रॉड के पैमाने पर बड़ा है, बल्कि इस तरह की धोखाधड़ी से राज्य के राजस्व को भी बड़ा नुकसान पहुंचा। अधिकारियों ने चेताया है कि इस तरह के मामलों में सतर्क रहना बेहद जरूरी है और व्यापारी तथा नागरिक को भी अपने लेन-देन की पूरी जानकारी रखना चाहिए।
मेरठ क्राइम ब्रांच की टीम अब आरोपियों के नेटवर्क और उनके सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस केस के खुलासे से और भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल फॉरेंसिक के जरिए पूरे लेन-देन का ट्रैक मिल जाएगा और फर्जी कंपनियों के पीछे के वित्तीय धंधे को भी उजागर किया जाएगा।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि GST फ्रॉड केवल कानूनी उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह आर्थिक सुरक्षा और राज्य की कर प्रणाली पर भी गंभीर खतरा है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे मामलों की सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें, ताकि वित्तीय अपराध को रोका जा सके।
थाना बहसूमा में दर्ज इस केस की जांच की जिम्मेदारी सीओ सुचिता सिंह ने संभाली। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी कंपनियां बनाई और फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड का इस्तेमाल कर इन कंपनियों के नाम पर GST रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद उन्होंने बड़े पैमाने पर फर्जी बिल जारी कर लाखों का टैक्स क्रेडिट हासिल किया।
पुलिस ने बताया कि इस धोखाधड़ी के जरिए आरोपियों ने कुल 7 करोड़ रुपये की राशि हड़प ली। यह एक संगठित और पूर्व नियोजित योजना थी जिसमें डिजिटल साक्ष्यों को भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। लैपटॉप और मोबाइल जैसे उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनमें से फर्जी बिलिंग और लेन-देन से जुड़े डिजिटल सबूत प्राप्त किए जा रहे हैं।
जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी सिर्फ वित्तीय लाभ के लिए इस घोटाले को अंजाम दे रहे थे और उन्होंने कई कंपनियों और बिजनेस नेटवर्क के माध्यम से यह फ्रॉड किया। मेरठ पुलिस इस मामले में और गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि पूरी फर्जी बिलिंग के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक का संबंध पंजाब के बड़े व्यापारिक नेटवर्क से है। यह मामला ना केवल GST फ्रॉड के पैमाने पर बड़ा है, बल्कि इस तरह की धोखाधड़ी से राज्य के राजस्व को भी बड़ा नुकसान पहुंचा। अधिकारियों ने चेताया है कि इस तरह के मामलों में सतर्क रहना बेहद जरूरी है और व्यापारी तथा नागरिक को भी अपने लेन-देन की पूरी जानकारी रखना चाहिए।
मेरठ क्राइम ब्रांच की टीम अब आरोपियों के नेटवर्क और उनके सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस केस के खुलासे से और भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल फॉरेंसिक के जरिए पूरे लेन-देन का ट्रैक मिल जाएगा और फर्जी कंपनियों के पीछे के वित्तीय धंधे को भी उजागर किया जाएगा।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि GST फ्रॉड केवल कानूनी उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह आर्थिक सुरक्षा और राज्य की कर प्रणाली पर भी गंभीर खतरा है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे मामलों की सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें, ताकि वित्तीय अपराध को रोका जा सके।