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वंदे भारत पर पत्थर फेंका गया
वंदे भारत पर पत्थर फेंका गया
हरदोई में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर फेंकने से RSS प्रमुख भागवत सवार कोच क्षतिग्रस्त
20 Feb 2026, 01:59 PM Uttar Pradesh - Hardoi
Reporter : Mahesh Sharma
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Hardoi उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में गुरुवार दोपहर को वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर फेंकने की घटना ने यात्रियों में खलबली मचा दी। ट्रेन का C-4 कोच क्षतिग्रस्त हुआ, और इस समय उस कोच में RSS प्रमुख मोहन भागवत भी सवार थे। घटना हरदोई और कौढ़ा के बीच हुई।

रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर तुरंत पहुंचकर जांच शुरू की। शुरुआती रिपोर्ट में यह सामने आया कि पास की बस्ती के कुछ बच्चे खेल-खेल में पत्थर फेंक रहे थे। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, यह बच्चे 8 से 13 वर्ष की आयु के थे और बलोखर फाटक के पास क्रिकेट खेल रहे थे। इसी दौरान पत्थर ट्रेन पर लग गया और C-4 कोच का शीशा टूट गया।

सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि यह स्पष्ट रूप से बच्चों की खेल-खेल में की गई गलती थी, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। हाल ही में उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने हरदोई स्टेशन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश जारी किए थे।

घटना के बाद रेलवे पुलिस ने बच्चों के अभिभावकों को मौके पर बुलाया और उनसे घटना की पुष्टि की। रेलवे अधिकारियों ने भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बस्ती के आसपास सुरक्षा बढ़ाई जाएगी और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।

इस घटना के कारण ट्रेन की गति कुछ समय के लिए धीमी की गई। यात्रियों में डर और चिंता का माहौल था, खासकर तब जब वरिष्ठ अधिकारी और राष्ट्रवादी नेता मोहन भागवत सवार थे। अधिकारियों ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

रेलवे सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों द्वारा पत्थर फेंकने जैसी घटनाएं भले ही मासूम दिखें, लेकिन उच्च गति वाली ट्रेनों के लिए यह गंभीर खतरा बन सकती हैं। यदि शीशा टूटा होता और कोई यात्री चोटिल होता, तो परिणाम गंभीर हो सकते थे।

रेलवे प्रशासन ने इस घटना के बाद अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को दोबारा जांचने की बात कही है। बस्ती के बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ समझौता किया गया और भविष्य में सतर्क रहने की हिदायत दी गई।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत में उच्च गति वाली ट्रेनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। यात्रियों और उच्च पदस्थ अधिकारियों की सुरक्षा के लिए रेलवे को नई रणनीतियों पर काम करना होगा।