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आखिरी घंटे में बाजार ध्वस्त
सेंसेक्स गिरावट निफ्टी फिसला सात लाख करोड़ नुकसान निवेशक घबराए
अंतिम घंटे की भारी बिकवाली से बाजार धड़ाम निवेशकों के सात लाख करोड़ रुपये डूबे
19 Feb 2026, 05:02 PM
Maharashtra -
Mumbai
Reporter :
Mahesh Sharma
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Mumbai देश के प्रमुख शेयर बाजारों में गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई थी, लेकिन दिन के अंतिम घंटे में अचानक बिकवाली का ऐसा दौर चला कि पूरा बाजार ध्वस्त हो गया।
मुंबई स्थित Bombay Stock Exchange और National Stock Exchange पर कारोबार के दौरान निवेशकों को बड़ा झटका लगा। प्रमुख सूचकांक BSE Sensex और Nifty 50 तेज गिरावट के साथ बंद हुए।
सुबह बाजार में सकारात्मक रुझान दिखाई दे रहा था और दोनों इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। लेकिन दोपहर बाद माहौल अचानक बदल गया। अंतिम घंटे में आई तेज बिकवाली ने बाजार की दिशा पलट दी।
विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कुछ प्रमुख सेक्टरों में दबाव के कारण बाजार में घबराहट का माहौल बना। बैंकिंग, मेटल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। अनुमान के मुताबिक, बाजार पूंजीकरण में करीब सात लाख करोड़ रुपये की कमी आई। इससे छोटे और खुदरा निवेशकों को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में बाजार ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहा था, जिससे मुनाफावसूली की संभावना बढ़ गई थी। जैसे ही नकारात्मक संकेत मिले, निवेशकों ने तेजी से शेयर बेचने शुरू कर दिए।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि बाजार में इस तरह की गिरावट अस्थायी भी हो सकती है, लेकिन यह निवेशकों के लिए जोखिम का संकेत जरूर है। आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी।
हालांकि, विशेषज्ञ लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने के बजाय सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन निवेश से पहले उचित सलाह लेना जरूरी है।
फिलहाल, बाजार में आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
मुंबई स्थित Bombay Stock Exchange और National Stock Exchange पर कारोबार के दौरान निवेशकों को बड़ा झटका लगा। प्रमुख सूचकांक BSE Sensex और Nifty 50 तेज गिरावट के साथ बंद हुए।
सुबह बाजार में सकारात्मक रुझान दिखाई दे रहा था और दोनों इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। लेकिन दोपहर बाद माहौल अचानक बदल गया। अंतिम घंटे में आई तेज बिकवाली ने बाजार की दिशा पलट दी।
विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कुछ प्रमुख सेक्टरों में दबाव के कारण बाजार में घबराहट का माहौल बना। बैंकिंग, मेटल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। अनुमान के मुताबिक, बाजार पूंजीकरण में करीब सात लाख करोड़ रुपये की कमी आई। इससे छोटे और खुदरा निवेशकों को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में बाजार ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहा था, जिससे मुनाफावसूली की संभावना बढ़ गई थी। जैसे ही नकारात्मक संकेत मिले, निवेशकों ने तेजी से शेयर बेचने शुरू कर दिए।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि बाजार में इस तरह की गिरावट अस्थायी भी हो सकती है, लेकिन यह निवेशकों के लिए जोखिम का संकेत जरूर है। आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी।
हालांकि, विशेषज्ञ लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने के बजाय सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन निवेश से पहले उचित सलाह लेना जरूरी है।
फिलहाल, बाजार में आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।