Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- स्वास्थ्य
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
मुजफ्फरपुर में शराब जब्ती अभियान
4000 लीटर स्प्रिट बरामद तस्कर गिरफ्तार होली पर बड़ी साजिश
बिहार शराबबंदी में 4000 लीटर स्प्रिट जब्त तस्कर गिरफ्तार होली योजना विफल
19 Feb 2026, 03:01 PM
Uttar Pradesh -
Muradabad
Reporter :
Mahesh Sharma
ADVERTISEMENT
Sponsored
Ad
Open
Muradabad मुरादाबाद: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद मुजफ्फरपुर से बड़ी कार्रवाई सामने आई है। होली के मौके पर लगभग 20,000 लीटर अवैध शराब बनाने की साजिश को उत्पाद विभाग और मुजफ्फरपुर पुलिस ने नाकाम कर दिया। इस दौरान करीब 4000 लीटर स्प्रिट जब्त की गई और एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया।
सूत्रों के अनुसार, तस्करों ने स्प्रिट की खेप को यूरिया के जार में भरकर लाने की योजना बनाई थी, ताकि पुलिस और निगरानी एजेंसियों की नजर से बचा जा सके। छापेमारी के दौरान एक टेंपो से 40 यूरिया जार में लोड स्प्रिट बरामद किया गया। तस्कर की पहचान के आधार पर आगे की जांच जारी है।
बरामद स्प्रिट की अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि इससे लगभग 20,000 लीटर तैयार शराब बनाई जा सकती थी, जो होली पर बिक्री के लिए तस्करों के पास ले जाई जा रही थी।
प्रशासन ने इस सफलता को कानून के सख्त पालन और निगरानी के प्रभावी कार्यान्वयन का उदाहरण बताया। पुलिस अधिकारीयों का कहना है कि शराबबंदी कानून की अवहेलना करने वाले तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी के नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने न केवल अवैध शराब निर्माण को रोका, बल्कि संभावित सामाजिक और स्वास्थ्य-related समस्याओं को भी टाला।
स्थानीय पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और तस्करों को किसी भी हाल में कानून के कटघरे में लाया जाएगा। बरामद स्प्रिट और तस्कर की जानकारी सार्वजनिक कर यह सुनिश्चित किया गया कि जनता को भरोसा मिले कि प्रशासन कानून व्यवस्था में सतर्क है।
विशेषज्ञों का कहना है कि होली जैसे त्योहारों पर अवैध शराब निर्माण और बिक्री की संभावना अधिक होती है। इसलिए प्रशासन की सक्रिय निगरानी और त्वरित छापेमारी आवश्यक है। इस कार्रवाई ने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार और पुलिस अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए तत्पर हैं।
इस तरह की निगरानी और कानून के कड़े पालन से समाज में शराबबंदी के नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और तस्करों की योजना विफल होगी।
सूत्रों के अनुसार, तस्करों ने स्प्रिट की खेप को यूरिया के जार में भरकर लाने की योजना बनाई थी, ताकि पुलिस और निगरानी एजेंसियों की नजर से बचा जा सके। छापेमारी के दौरान एक टेंपो से 40 यूरिया जार में लोड स्प्रिट बरामद किया गया। तस्कर की पहचान के आधार पर आगे की जांच जारी है।
बरामद स्प्रिट की अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि इससे लगभग 20,000 लीटर तैयार शराब बनाई जा सकती थी, जो होली पर बिक्री के लिए तस्करों के पास ले जाई जा रही थी।
प्रशासन ने इस सफलता को कानून के सख्त पालन और निगरानी के प्रभावी कार्यान्वयन का उदाहरण बताया। पुलिस अधिकारीयों का कहना है कि शराबबंदी कानून की अवहेलना करने वाले तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी के नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने न केवल अवैध शराब निर्माण को रोका, बल्कि संभावित सामाजिक और स्वास्थ्य-related समस्याओं को भी टाला।
स्थानीय पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और तस्करों को किसी भी हाल में कानून के कटघरे में लाया जाएगा। बरामद स्प्रिट और तस्कर की जानकारी सार्वजनिक कर यह सुनिश्चित किया गया कि जनता को भरोसा मिले कि प्रशासन कानून व्यवस्था में सतर्क है।
विशेषज्ञों का कहना है कि होली जैसे त्योहारों पर अवैध शराब निर्माण और बिक्री की संभावना अधिक होती है। इसलिए प्रशासन की सक्रिय निगरानी और त्वरित छापेमारी आवश्यक है। इस कार्रवाई ने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार और पुलिस अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए तत्पर हैं।
इस तरह की निगरानी और कानून के कड़े पालन से समाज में शराबबंदी के नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और तस्करों की योजना विफल होगी।