Search News
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
रिपोर्ट: अरुण मिश्रा
मेरठ, कहते हैं कि प्यार अंधा होता है, लेकिन जब इसी प्यार पर सनक और खौफ सवार हो जाए, तो यह अपनों का ही खून बहाने से नहीं हिचकता। मेरठ के चर्चित अतुल पंवार हत्याकांड ने एक बार फिर जिले के उन काले पन्नों को पलट दिया है, जहां पत्नियों ने अपने ही सुहाग का सौदा कर डाला।
चौधरी चरण सिंह जिला कारागार की बैरक नंबर 12ए में छह महिलाएं भी बंद हैं, जिन्होंने पराए संबंधों के मोह में अपने ही परिवार के खिलाफ घातक षड्यंत्र रच डाला। पांच जहां पति की हत्या की गुनहगार हैं, छठी ने अपनी कोख से जन्मे बेटे को ही मरवा दिया।
इस बैरक का दृश्य हर सुबह बाकी जेल की एक ही बैरक में रखी गईं मुस्कान समेत पराए प्यार में सिंदूर मिटाने वाली पांच महिलाएंबैरकों से कुछ अलग होता है। भोर होते ही सुंदरकांड के पाठ के साथ भजन-कीर्तन की ध्वनि सुनाई देनी शुरू हो जाती है। हर सुबह भक्ति के जरिये अपने भीतर के अपराधबोध से जूझती नजर आती हैं।
जेल में फिलहाल 67 महिला बंदी हैं, जिन्हें बैरक 12ए और 12बी में रखा गया है। पति को सांप से डसवाकर मरवाने वाली दामिनी को भी इसी बैरक में मुस्कान, अंजलि, रविता, कोमल और गुरप्रीत के साथ रखा गया है। जेल प्रशासन के अनुसार दामिनी फिलहाल किसी से बातचीत नहीं कर रही है। उसकी काउंसलिंग की तैयारी है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा बताते हैं कि इन महिलाओं को एक ही बैरक में रखने का उद्देश्य यह है कि वे एक-दूसरे का सहारा बन सकें। अधिकांश को अपने किए पर पछतावा है।
जब परिवार वाले बच्चों के साथ मिलने आते हैं तो उनका भावनात्मक संतुलन टूट जाता है। ऐसे समय में वे एक-दूसरे से कहती भी हैं कि मति मारी गई थी, जो खुद ही अपनी गृहस्थी उजाड़ ली। सुबह सुंदरकांड के पाठ के बाद मुस्कान अपनी बेटी के साथ समय बिताती है, जबकि अंजलि, गुरुप्रीत, रविता और कोमल सिलाई-कढ़ाई में खुद को व्यस्त रखती हैं।
तीन मार्च 2025 को मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या कर शव को नीले ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट भर दिया था। एक नवंबर 2025 को अंजलि ने प्रेमी अजय से पति राहुल की गोली मरवाकर हत्या करवा दी थी। रविता ने 17 अप्रैल 2025 को प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
घटना को छिपाने के लिए सांप खरीदकर अमित के बिस्तर पर छोड़ दिया था। कोमल ने बहन के मंगेतर गुलशन के साथ मिलकर इसी साल चार अप्रैल को पति नैन सिंह की भाड़े के शूटरों से हत्या करवा दी थी। नैनसिंह बीएसएफ का जवान था। कोमल ने अपने आभूषण गिरवी रखकर छह लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी।
गुरप्रीत कौर ने इसी वर्ष 17 जून को प्रेमी के साथ मिलकर अपने सात वर्षीय बेटे की हत्या कराई। अब ये सभी महिलाएं जेल की चहारदीवारी में एक साथ रहती हैं। जहां दिन की शुरुआत भजन से होती है और अंत पछतावे के साथ।
Latest News