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कथित अतिक्रमण हटाने पहुंचा प्रशासनिक अमला
गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र में रविवार को प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार जिस स्थान पर कार्रवाई की गई, वहां सरकारी भूमि पर वर्षों से कथित रूप से निर्माण किया गया था। सुबह से ही प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी की गई ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। इसके बाद बुलडोजर और अन्य मशीनों की सहायता से तीन मंजिला निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित भूमि औद्योगिक क्षेत्र के ग्रीन बेल्ट का हिस्सा है, जहां स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों की आवाजाही नियंत्रित रखी गई और पूरे अभियान की वीडियोग्राफी भी कराई गई। प्रशासन ने कहा कि यह अभियान सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
भूमि अभिलेखों के आधार पर लिया निर्णय
प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि के राजस्व और विभागीय अभिलेखों की जांच के बाद कार्रवाई का निर्णय लिया गया। अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2001 में यहां एक छोटे ढांचे से निर्माण की शुरुआत हुई थी, जिसके बाद समय के साथ कथित रूप से आसपास की अतिरिक्त भूमि पर भी कब्जा बढ़ता गया। जांच में लगभग 300 वर्ग गज से अधिक क्षेत्र पर निर्माण होने की बात सामने आई। संबंधित विभाग ने इसे औद्योगिक क्षेत्र के निर्धारित उपयोग के विपरीत बताया और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई से पहले आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं। वहीं, पूरे अभियान के दौरान पुलिस बल की तैनाती के कारण किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों में आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
भारी सुरक्षा व्यवस्था में चला अभियान
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया था। संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। बुलडोजर अभियान शुरू होने से पहले अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण किया और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया। कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई तथा किसी प्रकार की हिंसा या टकराव की सूचना नहीं मिली। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी संवेदनशील मामलों में इसी प्रकार समन्वित रणनीति अपनाई जाएगी। स्थानीय लोगों से भी सहयोग बनाए रखने की अपील की गई ताकि सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित न हो।
सरकारी भूमि संरक्षण पर प्रशासन सख्त
अधिकारियों ने दोहराया कि सरकारी भूमि, विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों और ग्रीन बेल्ट में किसी भी प्रकार के अनधिकृत निर्माण को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना और निर्धारित भूमि उपयोग व्यवस्था को बनाए रखना है। इसी क्रम में अन्य संभावित अतिक्रमणों की भी जांच जारी है। संबंधित विभागों को रिकॉर्ड का सत्यापन करने और आवश्यकता पड़ने पर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
आगे भी जारी रहेगा सत्यापन अभियान
प्रशासन ने संकेत दिया है कि जिले में सरकारी भूमि पर बने कथित अवैध निर्माणों की पहचान का अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभिन्न विभागों के रिकॉर्ड का मिलान कर ऐसे मामलों की सूची तैयार की जा रही है, जहां भूमि उपयोग नियमों का उल्लंघन होने की आशंका है। अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए ही कार्रवाई की जाएगी और किसी भी निर्णय से पहले संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और नियमानुसार भूमि उपयोग सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से भविष्य में भी निरीक्षण, सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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