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बीजेपी-आरजेडी आमने-सामने
धृतराष्ट्र टिप्पणी से बिहार राजनीति में विवाद
‘धृतराष्ट्र’ टिप्पणी पर विधानसभा में घमासान, तेजस्वी यादव ने मैथिली ठाकुर को घेरा
21 Feb 2026, 10:55 AM
Bihar -
Patna
Reporter :
Mahesh Sharma
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Patna बिहार विधानसभा में ‘धृतराष्ट्र’ टिप्पणी को लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है। अलीनगर से पहली बार विधायक बनीं Maithili Thakur के बयान पर नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने कड़ा एतराज जताते हुए तीखा पलटवार किया। इस मुद्दे ने सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
दरअसल, गुरुवार को विधानसभा में बोलते हुए मैथिली ठाकुर ने आरजेडी अध्यक्ष Lalu Prasad Yadav के अपने छोटे बेटे के प्रति स्नेह का जिक्र करते हुए ‘धृतराष्ट्र’ शब्द का इस्तेमाल किया। उनके इस बयान को आरजेडी ने आपत्तिजनक और व्यक्तिगत हमला बताया। शुक्रवार को सदन में बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि विधायक बनते ही कुछ लोग खुद को सबकुछ समझने लगते हैं और मर्यादा भूल जाते हैं।
तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग आरजेडी शासनकाल को ‘जंगल राज’ कहते हैं, उन्हें अपने गिरेबान में भी झांकना चाहिए। उन्होंने मधुबनी जिले में हाल ही में हुई एक चोरी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले दलों के अपने क्षेत्र में भी अपराध की घटनाएं हो रही हैं। उनके इस बयान के बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
बीजेपी विधायकों ने मैथिली ठाकुर का बचाव करते हुए कहा कि उनका बयान राजनीतिक संदर्भ में था और उसे अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है। वहीं, आरजेडी सदस्यों ने मांग की कि व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचा जाए और राजनीतिक बहस मुद्दों पर केंद्रित हो।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में आगामी चुनावी समीकरणों को देखते हुए इस तरह के बयानबाजी का दौर और तेज हो सकता है। विधानसभा का सत्र अक्सर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मंच बन जाता है, लेकिन इस बार व्यक्तिगत टिप्पणियों ने विवाद को और गहरा कर दिया है।
सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर को भी हस्तक्षेप करना पड़ा और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई। हालांकि, बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है और समर्थक-आलोचक अपने-अपने तर्क पेश कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, ‘धृतराष्ट्र’ टिप्पणी ने बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और कितना तूल पकड़ता है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
दरअसल, गुरुवार को विधानसभा में बोलते हुए मैथिली ठाकुर ने आरजेडी अध्यक्ष Lalu Prasad Yadav के अपने छोटे बेटे के प्रति स्नेह का जिक्र करते हुए ‘धृतराष्ट्र’ शब्द का इस्तेमाल किया। उनके इस बयान को आरजेडी ने आपत्तिजनक और व्यक्तिगत हमला बताया। शुक्रवार को सदन में बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि विधायक बनते ही कुछ लोग खुद को सबकुछ समझने लगते हैं और मर्यादा भूल जाते हैं।
तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग आरजेडी शासनकाल को ‘जंगल राज’ कहते हैं, उन्हें अपने गिरेबान में भी झांकना चाहिए। उन्होंने मधुबनी जिले में हाल ही में हुई एक चोरी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले दलों के अपने क्षेत्र में भी अपराध की घटनाएं हो रही हैं। उनके इस बयान के बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
बीजेपी विधायकों ने मैथिली ठाकुर का बचाव करते हुए कहा कि उनका बयान राजनीतिक संदर्भ में था और उसे अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है। वहीं, आरजेडी सदस्यों ने मांग की कि व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचा जाए और राजनीतिक बहस मुद्दों पर केंद्रित हो।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में आगामी चुनावी समीकरणों को देखते हुए इस तरह के बयानबाजी का दौर और तेज हो सकता है। विधानसभा का सत्र अक्सर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मंच बन जाता है, लेकिन इस बार व्यक्तिगत टिप्पणियों ने विवाद को और गहरा कर दिया है।
सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर को भी हस्तक्षेप करना पड़ा और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई। हालांकि, बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है और समर्थक-आलोचक अपने-अपने तर्क पेश कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, ‘धृतराष्ट्र’ टिप्पणी ने बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और कितना तूल पकड़ता है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।