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बिटकॉइन केस में जमानत
पीएमएलए कोर्ट से राज कुंद्रा को बड़ी राहत
150 करोड़ बिटकॉइन घोटाले में राज कुंद्रा को विशेष अदालत से जमानत मिली
20 Feb 2026, 05:20 PM
Maharashtra -
Mumbai
Reporter :
Mahesh Sharma
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Mumbai कथित 150 करोड़ रुपये के बिटकॉइन घोटाले से जुड़े मामले में कारोबारी राज कुंद्रा को बड़ी राहत मिली है। मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे कुंद्रा को अस्थायी राहत प्राप्त हुई है।
यह मामला कथित ‘गेन बिटकॉइन’ पोंजी स्कीम से जुड़ा है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय यानी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच करते हुए कई आरोप लगाए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि इस घोटाले में करोड़ों रुपये का निवेश जुटाया गया और निवेशकों को भारी रिटर्न का झांसा दिया गया।
ईडी के अनुसार, इस स्कीम के कथित मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज से जुड़े लेनदेन में राज कुंद्रा का नाम सामने आया था। एजेंसी का आरोप है कि बिटकॉइन माइनिंग प्रोजेक्ट और निवेश योजनाओं के जरिए धन का लेनदेन हुआ। हालांकि, बचाव पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
कुंद्रा के वकील प्रशांत पाटिल ने अदालत में दलील दी कि जांच एजेंसी ने बिटकॉइन के मूल्यांकन के लिए एक विशेष तारीख का चयन किया, जिससे रकम अधिक दिखाई दे। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और वास्तविक तथ्यों को नजरअंदाज किया गया।
विशेष पीएमएलए अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत मंजूर की। अदालत ने कुछ शर्तों के साथ यह राहत दी है, जिनमें जांच में सहयोग और बिना अनुमति देश से बाहर न जाने की शर्त शामिल है।
राज कुंद्रा, जो अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति हैं, पिछले कुछ समय से इस मामले को लेकर चर्चा में थे। अदालत के इस निर्णय के बाद उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जमानत मिलना अंतिम फैसला नहीं होता, बल्कि यह केवल ट्रायल के दौरान दी गई अस्थायी राहत है। मामले की आगे की सुनवाई जारी रहेगी और आरोपों की सच्चाई अदालत में तय होगी।
आर्थिक अपराध और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मामलों में प्रवर्तन एजेंसियों की सक्रियता हाल के वर्षों में बढ़ी है। बिटकॉइन और अन्य डिजिटल करेंसी से जुड़े निवेश योजनाओं में पारदर्शिता और नियमन को लेकर लगातार बहस चल रही है।
फिलहाल, अदालत के आदेश से राज कुंद्रा को राहत जरूर मिली है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। आने वाले समय में इस मामले की अगली सुनवाई और जांच की दिशा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
यह मामला कथित ‘गेन बिटकॉइन’ पोंजी स्कीम से जुड़ा है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय यानी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच करते हुए कई आरोप लगाए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि इस घोटाले में करोड़ों रुपये का निवेश जुटाया गया और निवेशकों को भारी रिटर्न का झांसा दिया गया।
ईडी के अनुसार, इस स्कीम के कथित मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज से जुड़े लेनदेन में राज कुंद्रा का नाम सामने आया था। एजेंसी का आरोप है कि बिटकॉइन माइनिंग प्रोजेक्ट और निवेश योजनाओं के जरिए धन का लेनदेन हुआ। हालांकि, बचाव पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
कुंद्रा के वकील प्रशांत पाटिल ने अदालत में दलील दी कि जांच एजेंसी ने बिटकॉइन के मूल्यांकन के लिए एक विशेष तारीख का चयन किया, जिससे रकम अधिक दिखाई दे। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और वास्तविक तथ्यों को नजरअंदाज किया गया।
विशेष पीएमएलए अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत मंजूर की। अदालत ने कुछ शर्तों के साथ यह राहत दी है, जिनमें जांच में सहयोग और बिना अनुमति देश से बाहर न जाने की शर्त शामिल है।
राज कुंद्रा, जो अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति हैं, पिछले कुछ समय से इस मामले को लेकर चर्चा में थे। अदालत के इस निर्णय के बाद उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जमानत मिलना अंतिम फैसला नहीं होता, बल्कि यह केवल ट्रायल के दौरान दी गई अस्थायी राहत है। मामले की आगे की सुनवाई जारी रहेगी और आरोपों की सच्चाई अदालत में तय होगी।
आर्थिक अपराध और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मामलों में प्रवर्तन एजेंसियों की सक्रियता हाल के वर्षों में बढ़ी है। बिटकॉइन और अन्य डिजिटल करेंसी से जुड़े निवेश योजनाओं में पारदर्शिता और नियमन को लेकर लगातार बहस चल रही है।
फिलहाल, अदालत के आदेश से राज कुंद्रा को राहत जरूर मिली है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। आने वाले समय में इस मामले की अगली सुनवाई और जांच की दिशा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।