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अचानक बदले मौसम ने बढ़ाई किसानों की चिंता
उत्तर प्रदेश में अप्रैल के महीने में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जहां एक तरफ बढ़ती गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी तरफ बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। Prayagraj, Aligarh, Pilibhit और Agra समेत कई जिलों में मौसम के इस बदलाव का असर साफ देखने को मिला। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल, जो कटाई के लिए तैयार थी, अचानक आई बारिश और तेज हवाओं के कारण गिर गई। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
अलीगढ़ में बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर
Aligarh में दो दिनों तक हुई लगातार बारिश ने किसानों की स्थिति को बेहद खराब कर दिया। पकी हुई फसल खेतों में गिर गई और कई जगहों पर पानी भरने से नुकसान और बढ़ गया। किसानों का कहना है कि इस समय फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन बारिश ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया। स्थानीय किसानों ने प्रशासन से जल्द मुआवजे की मांग की है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की बारिश गेहूं की गुणवत्ता को भी प्रभावित करती है, जिससे बाजार में कीमत कम मिलती है।
प्रयागराज में आंधी-तूफान से फसल बर्बाद
Prayagraj में भी तेज आंधी और बारिश ने किसानों को झटका दिया है। कई बीघा जमीन पर खड़ी गेहूं की फसल खराब हो गई। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि फसलें पूरी तरह झुक गईं और कई जगहों पर टूट भी गईं। किसानों ने बताया कि उन्होंने इस साल अच्छी पैदावार की उम्मीद की थी, लेकिन मौसम के इस अचानक बदलाव ने सारी उम्मीदें खत्म कर दीं। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
पीलीभीत और अयोध्या में भी दिखा असर
Pilibhit और Ayodhya में भी तेज आंधी और बारिश ने तबाही मचाई। रात में अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। इससे गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ। कई किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण फसल पूरी तरह खराब हो गई। गांवों में हालात ऐसे हैं कि खेतों में पानी भर गया है और फसलें जमीन पर गिर गई हैं।
आगरा और फिरोजाबाद में ओलावृष्टि का कहर
Agra और Firozabad में भी ओलावृष्टि और तेज बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया। फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के गांवों में ओले गिरने से गेहूं की फसल पूरी तरह प्रभावित हुई। वहीं फिरोजाबाद के नारखी ब्लॉक में भी रबी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। किसानों का कहना है कि इस बार की फसल पर ही उनकी सालभर की आय निर्भर थी, जो अब खतरे में पड़ गई है।
किसानों की मांग और सरकार से उम्मीद
इस प्राकृतिक आपदा के बाद किसानों ने सरकार से राहत और मुआवजे की मांग तेज कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं किसानों की आर्थिक स्थिति को कमजोर करती हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे शुरू कर दिया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही राहत पैकेज की घोषणा करेगी, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति को संभाला जा सके। यह स्थिति बताती है कि मौसम के बदलते पैटर्न का कृषि पर कितना गहरा असर पड़ रहा है।
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