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ATS की बड़ी कार्रवाई में गिरफ्तारी
गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने एक बड़ी सुरक्षा कार्रवाई करते हुए ISIS से प्रभावित दो संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों आरोपियों पर आरोप है कि वे एक बड़े हमले की साजिश रच रहे थे और इसके लिए ऑनलाइन माध्यमों से कट्टरपंथी संगठनों के संपर्क में थे। सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते कार्रवाई कर एक संभावित खतरे को टाल दिया है। यह पूरा मामला राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण इनपुट माना जा रहा है।
गुजरात और मुंबई से पकड़े गए आरोपी
इस कार्रवाई में एक आरोपी को सिद्धपुर (गुजरात) से और दूसरे को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी अलग-अलग स्थानों पर रहते हुए भी एक साझा नेटवर्क के जरिए जुड़े हुए थे। ATS की टीम ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर दोनों को एक साथ ट्रैक किया। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान इरफान पठान समेत अन्य संदिग्धों के रूप में हुई है। इस कार्रवाई के बाद पूरे नेटवर्क को लेकर जांच और तेज कर दी गई है।
सोशल मीडिया बना कट्टरपंथ का माध्यम
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों संदिग्ध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुए थे। वे लगातार ऐसे ग्रुप्स और चैनलों के संपर्क में थे, जो युवाओं को गुमराह करने का काम कर रहे थे। इन प्लेटफॉर्म्स पर साझा की जाने वाली सामग्री के जरिए उन्हें उकसाया जा रहा था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल माध्यम अब आतंकवादी संगठनों के लिए एक नया भर्ती प्लेटफॉर्म बन चुका है, जिसे रोकना बेहद जरूरी है।
मोबाइल से मिले अहम डिजिटल सबूत
ATS को दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। इनमें चैट रिकॉर्ड, संदिग्ध वीडियो और विदेशी संपर्कों के संकेत शामिल हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार इन सबूतों से पता चलता है कि दोनों का संपर्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क से था। यह डिजिटल सबूत जांच को एक नई दिशा दे रहे हैं और पूरे नेटवर्क को उजागर करने में मदद कर सकते हैं।
पाकिस्तान-अफगान लिंक की जांच तेज
जांच एजेंसियां अब इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी गहराई से जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संदिग्धों का संपर्क सीमापार नेटवर्क से हो सकता है। यह लिंक भारत में संभावित आतंकी गतिविधियों की साजिश की ओर इशारा करता है। सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार तकनीकी और खुफिया स्तर पर काम कर रही हैं ताकि आगे किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में
इस गिरफ्तारी के बाद देशभर की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सभी राज्यों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। ATS की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे एक संभावित बड़े हमले को समय रहते रोका जा सका है। अब जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी हुई हैं, ताकि पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके।
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