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शिक्षामित्रों को बढ़ा मानदेय
18 हजार मानदेय 5 लाख कैशलेस इलाज
सीएम योगी ने शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाया, शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सौगात
20 Feb 2026, 05:12 PM
Uttar Pradesh -
Lucknow
Reporter :
Mahesh Sharma
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Lucknow उत्तर प्रदेश की राजनीति में शिक्षा क्षेत्र को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। राज्य विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और शिक्षकों के हित में कई अहम घोषणाएं कीं। इन घोषणाओं को राज्य सरकार की शिक्षा और कर्मचारी कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अप्रैल 2026 से प्रदेश के शिक्षामित्रों को प्रति माह ₹18,000 मानदेय दिया जाएगा। यह निर्णय लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षामित्रों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इसके साथ ही अनुदेशकों का मानदेय भी बढ़ाकर ₹17,000 प्रतिमाह कर दिया गया है।
सरकार ने केवल मानदेय बढ़ोतरी तक ही सीमित न रहते हुए शिक्षकों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के शिक्षकों को ₹5 लाख तक की कैशलेस इलाज सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के तहत शिक्षक सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना अग्रिम भुगतान के इलाज करा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि कंपोजिट स्कूलों के विकास के लिए ₹2382 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त माध्यमिक शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए बजट का 75 प्रतिशत हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया जाएगा।
सरकार का दावा है कि इन कदमों से न केवल शिक्षकों और शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। शिक्षामित्र संगठनों ने इस घोषणा का स्वागत किया है और इसे लंबे संघर्ष का परिणाम बताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला आगामी शैक्षणिक सत्र और सामाजिक संतुलन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। राज्य में बड़ी संख्या में शिक्षामित्र और अनुदेशक कार्यरत हैं, जो प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से होता है, तो इससे शिक्षा क्षेत्र में स्थिरता और बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल, सरकार की इन घोषणाओं से शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों में उत्साह का माहौल है। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के लागू होने की प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अप्रैल 2026 से प्रदेश के शिक्षामित्रों को प्रति माह ₹18,000 मानदेय दिया जाएगा। यह निर्णय लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षामित्रों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इसके साथ ही अनुदेशकों का मानदेय भी बढ़ाकर ₹17,000 प्रतिमाह कर दिया गया है।
सरकार ने केवल मानदेय बढ़ोतरी तक ही सीमित न रहते हुए शिक्षकों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के शिक्षकों को ₹5 लाख तक की कैशलेस इलाज सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के तहत शिक्षक सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना अग्रिम भुगतान के इलाज करा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि कंपोजिट स्कूलों के विकास के लिए ₹2382 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त माध्यमिक शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए बजट का 75 प्रतिशत हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया जाएगा।
सरकार का दावा है कि इन कदमों से न केवल शिक्षकों और शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। शिक्षामित्र संगठनों ने इस घोषणा का स्वागत किया है और इसे लंबे संघर्ष का परिणाम बताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला आगामी शैक्षणिक सत्र और सामाजिक संतुलन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। राज्य में बड़ी संख्या में शिक्षामित्र और अनुदेशक कार्यरत हैं, जो प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से होता है, तो इससे शिक्षा क्षेत्र में स्थिरता और बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल, सरकार की इन घोषणाओं से शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों में उत्साह का माहौल है। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के लागू होने की प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।