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UPSC ट्रेनिंग पोस्टिंग प्रशासनिक तैयारी
UPSC पास छात्रों को ट्रेनिंग फिर पोस्टिंग में मिलती जिम्मेदारी
पहाड़ों में UPSC प्रशिक्षित छात्रों की ट्रेनिंग पोस्टिंग के पहले मिलती है प्रशासनिक तैयारी
21 Feb 2026, 02:38 PM
Himachal Pradesh -
Shimla
Reporter :
Mahesh Sharma
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Shimla UPSC जैसी कठिन परीक्षा को पास करना हर छात्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि होती है। भारत में सिविल सर्विसेज के लिए प्रतियोगिता बेहद कड़ी है और हर साल लाखों छात्र इसकी परीक्षा देते हैं, लेकिन केवल कुछ ही सफल होते हैं। UPSC परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों को प्रशासनिक सेवाओं में नियुक्त किया जाता है और उनकी ट्रेनिंग पहाड़ों के बीच के संस्थानों में होती है।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा चुने गए उम्मीदवारों को 24 अलग-अलग सेवाओं में चयनित किया जाता है। इनमें आईएएस, आईपीएस, आईएफएस जैसी प्रमुख सेवाएं शामिल हैं। चयन के बाद उम्मीदवारों को उनके सर्विस के अनुसार अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भेजा जाता है। प्रशिक्षण का उद्देश्य उम्मीदवारों को प्रशासनिक कार्यों, कानून, प्रबंधन, और क्षेत्रीय विकास से संबंधित ज्ञान देना है।
आईएएस और आईपीएस उम्मीदवारों के लिए ट्रेनिंग संस्थान अलग-अलग होते हैं। आईएएस उम्मीदवारों को दिल्ली स्थित लाला लाजपत राय संस्थान या उत्तराखंड में नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन जैसे केंद्रों में ट्रेनिंग दी जाती है। वहीं, आईपीएस अधिकारियों को सुसज्जित पुलिस अकादमी में प्रशिक्षित किया जाता है, जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा संचालन की जानकारी दी जाती है।
ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवारों को विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, ग्रामीण और शहरी प्रशासन, आर्थिक और सामाजिक योजनाओं की कार्यान्वयन प्रक्रिया की जानकारी दी जाती है। इसके अलावा नेतृत्व कौशल, सामुदायिक जुड़ाव और संकट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पाठ भी पढ़ाए जाते हैं। ट्रेनिंग लगभग एक वर्ष तक चलती है और इसमें सैद्धांतिक शिक्षा के साथ-साथ फील्ड विजिट और प्रैक्टिकल एक्सरसाइज भी शामिल होती हैं।
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अधिकारी अपनी पहली पोस्टिंग के लिए आवंटित कैडर में भेजे जाते हैं। आईएएस अधिकारी आमतौर पर जिला कलक्टर या राज्य प्रशासनिक पद पर काम शुरू करते हैं, जबकि आईपीएस अधिकारी पुलिस कमिश्नर या SP स्तर के पदों पर तैनात किए जाते हैं। पोस्टिंग के दौरान अधिकारी क्षेत्र के विकास, कानून-व्यवस्था, और जन-कल्याण से संबंधित जिम्मेदारियां निभाते हैं।
UPSC पास छात्रों के लिए यह प्रक्रिया केवल नौकरी शुरू करने का माध्यम नहीं, बल्कि देश के प्रशासनिक तंत्र में योगदान देने का पहला कदम भी है। पहाड़ों के बीच की ट्रेनिंग, प्रशासनिक अनुभव, और जिम्मेदारियों की समझ उन्हें बेहतर अधिकारी बनाने में मदद करती है।
इस तरह, UPSC परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों का करियर न केवल प्रतिष्ठित होता है, बल्कि उनके प्रशिक्षण और पोस्टिंग के माध्यम से पूरे देश में प्रशासनिक सुधार और विकास में योगदान देने का अवसर भी मिलता है।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा चुने गए उम्मीदवारों को 24 अलग-अलग सेवाओं में चयनित किया जाता है। इनमें आईएएस, आईपीएस, आईएफएस जैसी प्रमुख सेवाएं शामिल हैं। चयन के बाद उम्मीदवारों को उनके सर्विस के अनुसार अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भेजा जाता है। प्रशिक्षण का उद्देश्य उम्मीदवारों को प्रशासनिक कार्यों, कानून, प्रबंधन, और क्षेत्रीय विकास से संबंधित ज्ञान देना है।
आईएएस और आईपीएस उम्मीदवारों के लिए ट्रेनिंग संस्थान अलग-अलग होते हैं। आईएएस उम्मीदवारों को दिल्ली स्थित लाला लाजपत राय संस्थान या उत्तराखंड में नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन जैसे केंद्रों में ट्रेनिंग दी जाती है। वहीं, आईपीएस अधिकारियों को सुसज्जित पुलिस अकादमी में प्रशिक्षित किया जाता है, जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा संचालन की जानकारी दी जाती है।
ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवारों को विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, ग्रामीण और शहरी प्रशासन, आर्थिक और सामाजिक योजनाओं की कार्यान्वयन प्रक्रिया की जानकारी दी जाती है। इसके अलावा नेतृत्व कौशल, सामुदायिक जुड़ाव और संकट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पाठ भी पढ़ाए जाते हैं। ट्रेनिंग लगभग एक वर्ष तक चलती है और इसमें सैद्धांतिक शिक्षा के साथ-साथ फील्ड विजिट और प्रैक्टिकल एक्सरसाइज भी शामिल होती हैं।
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अधिकारी अपनी पहली पोस्टिंग के लिए आवंटित कैडर में भेजे जाते हैं। आईएएस अधिकारी आमतौर पर जिला कलक्टर या राज्य प्रशासनिक पद पर काम शुरू करते हैं, जबकि आईपीएस अधिकारी पुलिस कमिश्नर या SP स्तर के पदों पर तैनात किए जाते हैं। पोस्टिंग के दौरान अधिकारी क्षेत्र के विकास, कानून-व्यवस्था, और जन-कल्याण से संबंधित जिम्मेदारियां निभाते हैं।
UPSC पास छात्रों के लिए यह प्रक्रिया केवल नौकरी शुरू करने का माध्यम नहीं, बल्कि देश के प्रशासनिक तंत्र में योगदान देने का पहला कदम भी है। पहाड़ों के बीच की ट्रेनिंग, प्रशासनिक अनुभव, और जिम्मेदारियों की समझ उन्हें बेहतर अधिकारी बनाने में मदद करती है।
इस तरह, UPSC परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों का करियर न केवल प्रतिष्ठित होता है, बल्कि उनके प्रशिक्षण और पोस्टिंग के माध्यम से पूरे देश में प्रशासनिक सुधार और विकास में योगदान देने का अवसर भी मिलता है।