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मेरठ: जिले में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला अधिवक्ता खुलेआम हाथ में तलवार लहराते हुए कमिश्नरी चौराहे पर पहुंच गई. कचहरी जैसे संवेदनशील इलाके में महिला को तलवार के साथ देख सुरक्षाकर्मियों और पुलिस के हाथ-पांव फूल गए. आनन-फानन में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और महिला को घेर लिया.
पुलिस से हुई बहस
पुलिस और महिला अधिवक्ता के बीच तीखी नोकझोंक और हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तलवार को जब्त कर लिया. महिला को थाने ले जाकर पूछताछ की. महिला की पहचान रेनू सिंह राणा के रूप में हुई है, जो खुद को अधिवक्ता और 'सोशल समाज पार्टी' की राष्ट्रीय अध्यक्ष बता रही हैं.
यह तलवार मेरी पुश्तैनी है और मुझे तलवारबाजी का शौक है. तलवार की स्थिति थोड़ी खराब हो रही थी, इसलिए मैं इसे केवल ठीक (मरम्मत) कराने के लिए अपने साथ लेकर आई थी. मेरा कोई गलत इरादा नहीं था. मैं इस तलवार को लेकर पूरी कचहरी परिसर में घूमकर आई हूं, वहां चेकिंग के दौरान मुझे किसी भी सुरक्षाकर्मी ने नहीं रोका. अगर यह गैरकानूनी था, तो मुझे कचहरी में क्यों नहीं टोका गया? यहां कमिश्नरी पर आकर पुलिस बेवजह मुद्दा बना रही है.- रेनू सिंह राणा, महिला अधिवक्ता
सख्त एक्शन के संकेत:
इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है. मौके पर पहुंचे एसओ लालकुर्ती हरेंद्र सिंह और एसएचओ सिविल लाइंस सौरभ शुक्ला ने स्थिति को संभाला. महिला को कानून का हवाला देकर समझाने का बहुत प्रयास किया गया, लेकिन वह लगातार बहस और नोकझोंक करती रहीं.
कमिश्नरी और कचहरी जैसे अति-संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह खुलेआम धारदार हथियार (तलवार) लेकर घूमना पूरी तरह से गैरकानूनी है. इससे आम जनता में भय का माहौल बन सकता है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की मदद से तलवार और उनके पास मौजूद बैनर को तुरंत जब्त कर लिया गया. बाद में बैनर वापस कर दिया गया, लेकिन तलवार को मालखाने (थाने) भेज दिया गया है.- सौरभ शुक्ला, एसएचओ सिविल लाइंस
मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमिश्नरी चौराहे पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
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