Search News
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
एक ही दिन परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
उत्तर प्रदेश के Baghpat जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। एक ही परिवार में एक दिन जहां खुशी का माहौल था, वहीं उसी दिन मातम भी छा गया। बड़े बेटे के पुलिस में भर्ती होने की खुशी मनाई जा रही थी, लेकिन उसी समय छोटे बेटे की तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह घर पहुंची।
यह दृश्य इतना मार्मिक था कि गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। परिवार के लोग खुशी और दुख के बीच खुद को संभाल नहीं पा रहे थे। यह घटना इंसानी भावनाओं के उस पहलू को सामने लाती है, जहां जीवन के दो विपरीत रंग एक साथ दिखाई देते हैं।
अरुणाचल में ड्यूटी के दौरान गई जान
मृतक जवान Sohit Chauhan की तैनाती Arunachal Pradesh में थी, जहां ड्यूटी के दौरान उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए।
देश की सेवा करते हुए उनकी शहादत ने पूरे इलाके को गर्व के साथ-साथ गम से भर दिया। स्थानीय लोगों ने उन्हें सच्चा देशभक्त बताते हुए श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को हमेशा याद रखने की बात कही।
अग्निवीर योजना के तहत हुए थे भर्ती
सोहित चौहान वर्ष 2023 में अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने कम समय में ही अपने समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से सभी का दिल जीत लिया था।
उनके परिवार को उन पर गर्व था और गांव के लोग भी उन्हें प्रेरणा के रूप में देखते थे। लेकिन अचानक आई इस खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बड़े भाई की नौकरी की खुशी मातम में बदली
जिस दिन सोहित की मौत की खबर आई, उसी दिन उनके बड़े भाई मोहित चौहान पुलिस की वर्दी पहनकर अपने नए जीवन की शुरुआत कर रहे थे। यह दिन परिवार के लिए खुशियों का होना चाहिए था, लेकिन वह हमेशा के लिए दुखद याद बन गया।
मोहित ने अपने छोटे भाई को याद करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का सबसे कठिन पल है। एक तरफ जिम्मेदारी का गर्व है, तो दूसरी तरफ भाई को खोने का गहरा दुख।
गांव में उमड़ा जनसैलाब, नम आंखों से दी विदाई
जब सोहित की पार्थिव देह तिरंगे में लिपटकर गांव पहुंची, तो पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया। हजारों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़े।
लोगों ने ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। हर आंख नम थी और हर दिल में उनके प्रति सम्मान और गर्व की भावना थी। यह दृश्य देशभक्ति और बलिदान का प्रतीक बन गया।
परिवार को सांत्वना, हर संभव मदद का आश्वासन
इस दुखद घटना के बाद कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
प्रशासन ने भी परिवार को सहायता देने की बात कही है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि देश की सुरक्षा के लिए हमारे जवान कितनी बड़ी कुर्बानी देते हैं। उनके बलिदान को हमेशा सम्मान और याद किया जाना चाहिए।
Latest News
Open