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गरीब युवक को नोटिस
जीएसटी विभाग ने भेजा 1.99 करोड़ का नोटिस
छह हजार वेतन पाने वाले युवक को दो करोड़ का टैक्स नोटिस, पैन कार्ड दुरुपयोग का आरोप
21 Feb 2026, 12:13 PM
Uttar Pradesh -
Siddharthnagar
Reporter :
Mahesh Sharma
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Siddharthnagar उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मामूली वेतन पर काम करने वाले एक युवक को लगभग दो करोड़ रुपये का टैक्स जमा करने का नोटिस मिला है। नोटिस मिलने के बाद युवक और उसका परिवार सदमे में है।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के भरवाठिया मुस्तकहम गांव निवासी ओम प्रकाश (परिवर्तित नाम) को जीएसटी विभाग की ओर से 1,99,42,313 रुपये की कर देनदारी का नोटिस जारी किया गया। युवक का कहना है कि वह महज छह हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी करता है और इतना बड़ा कारोबार करना उसके लिए संभव ही नहीं है।
मामले की जानकारी मिलने पर युवक ने मुख्यालय स्थित सेल टैक्स विभाग से संपर्क किया। वहां जांच में पता चला कि उसके पैन कार्ड का कथित रूप से दुरुपयोग कर दो अलग-अलग फर्मों का पंजीकरण कराया गया है। एक फर्म नई दिल्ली में और दूसरी फर्रुखाबाद में दर्ज बताई जा रही है। इन फर्मों के जरिए बड़े पैमाने पर लेन-देन दिखाया गया, जिसके आधार पर भारी टैक्स देनदारी सामने आई।
पीड़ित युवक का आरोप है कि उसने केवल सामान्य उपयोग के लिए पैन कार्ड बनवाया था। उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी कंपनियां बनाई गई हैं। युवक ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
परिवार का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद से वे मानसिक तनाव में हैं। गांव में भी इस मामले को लेकर चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहचान पत्रों का इस तरह दुरुपयोग होता रहा तो आम नागरिकों के लिए यह बड़ी चिंता का विषय बन सकता है।
कर विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में पैन और जीएसटी नंबर के दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं। साइबर धोखाधड़ी या दस्तावेजों की चोरी के जरिए फर्जी कंपनियां खोलकर टैक्स चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित को समय रहते शिकायत दर्ज करानी चाहिए और संबंधित विभाग से रिकॉर्ड की जांच करानी चाहिए।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। यदि युवक के दस्तावेजों का दुरुपयोग साबित होता है, तो उसके खिलाफ जारी नोटिस को निरस्त किया जा सकता है और असली आरोपियों की तलाश की जाएगी।
यह घटना पहचान संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि नागरिक समय-समय पर अपने पैन और जीएसटी रिकॉर्ड की ऑनलाइन जांच करते रहें, ताकि किसी भी अनधिकृत गतिविधि का समय रहते पता चल सके।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के भरवाठिया मुस्तकहम गांव निवासी ओम प्रकाश (परिवर्तित नाम) को जीएसटी विभाग की ओर से 1,99,42,313 रुपये की कर देनदारी का नोटिस जारी किया गया। युवक का कहना है कि वह महज छह हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी करता है और इतना बड़ा कारोबार करना उसके लिए संभव ही नहीं है।
मामले की जानकारी मिलने पर युवक ने मुख्यालय स्थित सेल टैक्स विभाग से संपर्क किया। वहां जांच में पता चला कि उसके पैन कार्ड का कथित रूप से दुरुपयोग कर दो अलग-अलग फर्मों का पंजीकरण कराया गया है। एक फर्म नई दिल्ली में और दूसरी फर्रुखाबाद में दर्ज बताई जा रही है। इन फर्मों के जरिए बड़े पैमाने पर लेन-देन दिखाया गया, जिसके आधार पर भारी टैक्स देनदारी सामने आई।
पीड़ित युवक का आरोप है कि उसने केवल सामान्य उपयोग के लिए पैन कार्ड बनवाया था। उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी कंपनियां बनाई गई हैं। युवक ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
परिवार का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद से वे मानसिक तनाव में हैं। गांव में भी इस मामले को लेकर चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहचान पत्रों का इस तरह दुरुपयोग होता रहा तो आम नागरिकों के लिए यह बड़ी चिंता का विषय बन सकता है।
कर विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में पैन और जीएसटी नंबर के दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं। साइबर धोखाधड़ी या दस्तावेजों की चोरी के जरिए फर्जी कंपनियां खोलकर टैक्स चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित को समय रहते शिकायत दर्ज करानी चाहिए और संबंधित विभाग से रिकॉर्ड की जांच करानी चाहिए।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। यदि युवक के दस्तावेजों का दुरुपयोग साबित होता है, तो उसके खिलाफ जारी नोटिस को निरस्त किया जा सकता है और असली आरोपियों की तलाश की जाएगी।
यह घटना पहचान संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि नागरिक समय-समय पर अपने पैन और जीएसटी रिकॉर्ड की ऑनलाइन जांच करते रहें, ताकि किसी भी अनधिकृत गतिविधि का समय रहते पता चल सके।