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अंधविश्वास का जाल
पैसे डबल करने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी
‘जिन्न’ के नाम पर करोड़ों की ठगी अंधविश्वास बनाकर रचा गया बड़ा फर्जीवाड़ा
20 Feb 2026, 03:59 PM
Uttarakhand -
Udham Singh Nagar
Reporter :
Mahesh Sharma
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Udham Singh Nagar उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में अंधविश्वास के सहारे करोड़ों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने ‘जिन्नात’ के नाम पर लोगों को यह विश्वास दिलाया कि उनके पास ऐसी अदृश्य शक्तियां हैं जो पैसा दोगुना कर देती हैं। इसी झांसे में आकर सैकड़ों लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई गंवा दी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब बांसखेड़ा निवासी शकील अहमद ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि गांव के ही कुछ लोगों ने ‘कादरी बाबा’ नामक व्यक्ति के जरिए एक विशेष योजना चलाई थी। इस योजना के तहत लोगों से मोटी रकम जमा कराई जाती और 40 दिन बाद दोगुना या तय मासिक मुनाफा लौटाने का वादा किया जाता था।
आरोपियों ने अलग-अलग वर्ग के लोगों को निशाना बनाया। मजदूरों और छोटे किसानों को 15,500 रुपये प्रतिमाह जमा करने पर 40 दिन बाद 20,000 रुपये प्रतिमाह लौटाने का लालच दिया गया। कुछ लोगों को इससे भी अधिक रिटर्न का भरोसा दिलाया गया। गांव-गांव जाकर सहयोगियों ने प्रचार किया कि जिन लोगों ने निवेश किया है, उनके पास ‘जिन्नात’ की कृपा से लगातार पैसा आ रहा है।
जांच में सामने आया कि यह पूरा खेल सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था। मुख्य आरोपी सरताज अली उर्फ कादरी बाबा के साथ शफीक और आरिफ ने मिलकर नेटवर्क तैयार किया। जब कई निवेशकों को समय पर पैसा नहीं मिला तो संदेह गहराया और शिकायत पुलिस तक पहुंची।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि करोड़ों रुपये की रकम इकट्ठा कर आरोपी फरार होने की फिराक में थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितनी राशि की ठगी की गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या चमत्कार के नाम पर निवेश न करें। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में लालच और धार्मिक आस्था का दुरुपयोग कर आम जनता को ठगा जाता है।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ठगी की रकम बरामद करने का प्रयास किया जाएगा।
मामले का खुलासा तब हुआ जब बांसखेड़ा निवासी शकील अहमद ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि गांव के ही कुछ लोगों ने ‘कादरी बाबा’ नामक व्यक्ति के जरिए एक विशेष योजना चलाई थी। इस योजना के तहत लोगों से मोटी रकम जमा कराई जाती और 40 दिन बाद दोगुना या तय मासिक मुनाफा लौटाने का वादा किया जाता था।
आरोपियों ने अलग-अलग वर्ग के लोगों को निशाना बनाया। मजदूरों और छोटे किसानों को 15,500 रुपये प्रतिमाह जमा करने पर 40 दिन बाद 20,000 रुपये प्रतिमाह लौटाने का लालच दिया गया। कुछ लोगों को इससे भी अधिक रिटर्न का भरोसा दिलाया गया। गांव-गांव जाकर सहयोगियों ने प्रचार किया कि जिन लोगों ने निवेश किया है, उनके पास ‘जिन्नात’ की कृपा से लगातार पैसा आ रहा है।
जांच में सामने आया कि यह पूरा खेल सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था। मुख्य आरोपी सरताज अली उर्फ कादरी बाबा के साथ शफीक और आरिफ ने मिलकर नेटवर्क तैयार किया। जब कई निवेशकों को समय पर पैसा नहीं मिला तो संदेह गहराया और शिकायत पुलिस तक पहुंची।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि करोड़ों रुपये की रकम इकट्ठा कर आरोपी फरार होने की फिराक में थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितनी राशि की ठगी की गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या चमत्कार के नाम पर निवेश न करें। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में लालच और धार्मिक आस्था का दुरुपयोग कर आम जनता को ठगा जाता है।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ठगी की रकम बरामद करने का प्रयास किया जाएगा।