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मतदाता सूची महिला भागीदारी युवा
दो लाख से अधिक नाम हटाए गए, कुल मतदाता संख्या बढ़ी
राजस्थान की फाइनल वोटर लिस्ट जारी महिलाओं और युवाओं की भागीदारी में सुधार दिखा
21 Feb 2026, 03:28 PM
Rajasthan -
Jaipur
Reporter :
Mahesh Sharma
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Jaipur राजस्थान निर्वाचन आयोग ने राज्य की फाइनल मतदाता सूची जारी कर दी है। नए आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में अब कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 15 लाख 19 हजार 929 पहुंच गई है। यह पिछली सूची के मुकाबले कुछ सुधार और अपडेट के बाद तैयार की गई है।
आयोग ने इस सूची को तैयार करने के लिए बड़ी संख्या में फर्जी या डुप्लीकेट नामों को हटाया। पिछले वर्ष 27 अक्टूबर 2025 की सूची में शामिल कई नामों को वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान हटाया गया। इसके परिणामस्वरूप लगभग 2 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए।
नए आंकड़ों में महिला और ट्रांसजेंडर मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली है। पुरुष मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 69 लाख 57 हजार 412 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 45 लाख 81 हजार 378 हो गई है। पिछले वर्ष प्रति हजार पुरुषों पर महिला मतदाताओं की संख्या 909 थी, जो अब बढ़कर 911 हो गई है। इससे स्पष्ट होता है कि चुनावी प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बेहतर हो रही है।
युवा मतदाताओं की संख्या में भी सुधार देखने को मिला है। 18 से 25 वर्ष के आयु वर्ग में शामिल नए मतदाता चुनावी सूची में शामिल किए गए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में युवा मतदाताओं की भूमिका और बढ़ेगी।
राजस्थान निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपनी जानकारी की पुष्टि कर लें और अगर किसी का नाम गुम या गलत सूची में हो तो संबंधित अधिकारी से संपर्क करें। आयोग ने यह भी कहा कि मतदाता सूची में समय-समय पर संशोधन किया जाएगा ताकि सभी योग्य नागरिकों को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि महिला और युवा मतदाताओं की बढ़ती संख्या राजनीतिक दलों के लिए चुनाव रणनीति को प्रभावित कर सकती है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि समाज में चुनावी जागरूकता बढ़ रही है और पहले की तुलना में महिलाएं और युवा अधिक सक्रिय रूप से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं।
राजस्थान की यह फाइनल मतदाता सूची आगामी चुनावों के लिए आधारभूत दस्तावेज का काम करेगी। इसके तहत मतदान केंद्रों, मतदाता पहचान पत्र और ईवीएम/वोटिंग सिस्टम के लिए जरूरी डेटा का उपयोग किया जाएगा।
इस सूची को सार्वजनिक करने के साथ ही आयोग ने राज्य भर में मतदाता जागरूकता अभियान भी शुरू कर दिया है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को अपने अधिकार और जिम्मेदारी के प्रति सचेत करना है।
आयोग ने इस सूची को तैयार करने के लिए बड़ी संख्या में फर्जी या डुप्लीकेट नामों को हटाया। पिछले वर्ष 27 अक्टूबर 2025 की सूची में शामिल कई नामों को वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान हटाया गया। इसके परिणामस्वरूप लगभग 2 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए।
नए आंकड़ों में महिला और ट्रांसजेंडर मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली है। पुरुष मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 69 लाख 57 हजार 412 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 45 लाख 81 हजार 378 हो गई है। पिछले वर्ष प्रति हजार पुरुषों पर महिला मतदाताओं की संख्या 909 थी, जो अब बढ़कर 911 हो गई है। इससे स्पष्ट होता है कि चुनावी प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बेहतर हो रही है।
युवा मतदाताओं की संख्या में भी सुधार देखने को मिला है। 18 से 25 वर्ष के आयु वर्ग में शामिल नए मतदाता चुनावी सूची में शामिल किए गए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में युवा मतदाताओं की भूमिका और बढ़ेगी।
राजस्थान निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपनी जानकारी की पुष्टि कर लें और अगर किसी का नाम गुम या गलत सूची में हो तो संबंधित अधिकारी से संपर्क करें। आयोग ने यह भी कहा कि मतदाता सूची में समय-समय पर संशोधन किया जाएगा ताकि सभी योग्य नागरिकों को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि महिला और युवा मतदाताओं की बढ़ती संख्या राजनीतिक दलों के लिए चुनाव रणनीति को प्रभावित कर सकती है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि समाज में चुनावी जागरूकता बढ़ रही है और पहले की तुलना में महिलाएं और युवा अधिक सक्रिय रूप से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं।
राजस्थान की यह फाइनल मतदाता सूची आगामी चुनावों के लिए आधारभूत दस्तावेज का काम करेगी। इसके तहत मतदान केंद्रों, मतदाता पहचान पत्र और ईवीएम/वोटिंग सिस्टम के लिए जरूरी डेटा का उपयोग किया जाएगा।
इस सूची को सार्वजनिक करने के साथ ही आयोग ने राज्य भर में मतदाता जागरूकता अभियान भी शुरू कर दिया है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को अपने अधिकार और जिम्मेदारी के प्रति सचेत करना है।