Search News
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
वैश्विक तनाव के बीच चीन शांत रुख
दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते तनाव और ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के बावजूद चीन का रुख फिलहाल अपेक्षाकृत शांत नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में यह चुप्पी कई देशों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। खासकर संभावित कूटनीतिक बातचीत को लेकर दुनिया की नजरें अब आने वाले दिनों पर टिकी हैं।
तेल बाजार में बढ़ती कीमतों का असर
हाल के हफ्तों में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude Oil की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिली है। इससे कई देशों की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
रणनीतिक भंडार से चीन को राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के पास मौजूद बड़ा रणनीतिक तेल भंडार उसे फिलहाल राहत देता है। माना जाता है कि चीन के पास करोड़ों बैरल का तेल भंडार मौजूद है, जिससे कुछ महीनों तक आयात में बाधा आने की स्थिति में भी जरूरतें पूरी की जा सकती हैं। यही कारण है कि मौजूदा संकट के बीच चीन अपेक्षाकृत संयमित रणनीति अपनाता दिखाई दे रहा है।
सस्ते तेल की खरीद से लाभ
ऊर्जा बाजार के विश्लेषकों के अनुसार चीन अब भी कई देशों से अपेक्षाकृत कम कीमत पर तेल खरीद रहा है। खास तौर पर Russia और Iran से होने वाला आयात उसकी ऊर्जा रणनीति में अहम भूमिका निभाता है। इससे वैश्विक कीमतों में उछाल के बावजूद चीन पर दबाव कुछ हद तक कम रहता है।
कूटनीति में संभावित नई बातचीत की तैयारी
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि आने वाले समय में चीन और अमेरिका के बीच व्यापार और ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। इस संदर्भ में Xi Jinping और Donald Trump के बीच संभावित मुलाकात को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। यदि यह वार्ता होती है तो वैश्विक व्यापार और कूटनीति पर इसका असर पड़ सकता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नजरें टिकीं
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक तनाव के दौर में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के फैसले पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकते हैं। ऊर्जा बाजार, व्यापार नीति और कूटनीतिक रणनीति से जुड़े फैसलों का असर कई देशों की आर्थिक स्थिरता पर पड़ सकता है। इसी कारण आने वाले दिनों की घटनाओं को वैश्विक स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Latest News
Open