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खुशियों भरी शाम अचानक मातम में बदली
मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम की एक सुकून भरी शाम अचानक दर्दनाक हादसे में बदल गई। नर्मदा नदी के बैकवाटर में चल रहा क्रूज कुछ ही पलों में डगमगाने लगा और देखते ही देखते भयावह त्रासदी में बदल गया। उस समय क्रूज पर सवार लोग अपने परिवार के साथ खुशियां मना रहे थे, लेकिन अचानक आई आपदा ने सब कुछ बदल दिया। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिवार के साथ सैर बना आखिरी सफर
दिल्ली के नई दिल्ली के मायापुरी इलाके में रहने वाला एक परिवार इस हादसे का शिकार हो गया। परिवार के सदस्य एक रिश्तेदार के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद घूमने निकले थे। क्रूज पर चढ़ते समय सभी के चेहरों पर खुशी और उत्साह था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी सफर साबित होगा। बच्चों की हंसी और परिवार की मुस्कान कुछ ही पलों में चीख-पुकार में बदल गई।
‘हम डूब रहे हैं’ आखिरी कॉल ने रुलाया
हादसे के दौरान परिवार की ओर से किया गया एक फोन कॉल अब दिल को झकझोर देने वाली याद बन गया है। बताया जा रहा है कि डूबते समय उन्होंने अपने करीबियों को कॉल कर कहा, “हम डूब रहे हैं, हमारे लिए प्रेयर करो।” यह आखिरी शब्द सुनकर फोन के उस पार मौजूद लोग भी सन्न रह गए। यह कॉल इस दर्दनाक हादसे की भयावहता को बयां करता है और हर किसी की आंखें नम कर देता है।
कुछ ही मिनटों में डूब गया पूरा क्रूज
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्रूज अचानक एक तरफ झुक गया और महज कुछ ही मिनटों में पानी में समा गया। नर्मदा नदी की तेज लहरों और हवाओं ने हालात और बिगाड़ दिए। लोग चीखने-चिल्लाने लगे और जान बचाने के लिए संघर्ष करने लगे। कई लोगों को लाइफ जैकेट पहनने का मौका तक नहीं मिला। यह सब इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का अवसर नहीं मिला।
रातभर चला रेस्क्यू, उम्मीद और निराशा साथ
हादसे के बाद बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। फ्लडलाइट्स की रोशनी में रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा। परिजन किनारे पर खड़े होकर अपनों की सलामती की दुआ करते रहे। हर गुजरते पल के साथ उम्मीद और निराशा का संघर्ष जारी रहा।
दर्द और सवालों के बीच जांच की मांग
इस हादसे के बाद पूरे देश में शोक और आक्रोश का माहौल है। जबलपुर में हुई इस त्रासदी ने सुरक्षा मानकों और लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके। यह हादसा उन परिवारों के लिए एक ऐसा जख्म बन गया है, जिसे भर पाना बेहद मुश्किल होगा।
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