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कलेक्ट्रेट में लंगूर की अनोखी मौजूदगी
बागपत कलेक्ट्रेट परिसर में एक लंगूर ‘मटरू’ लंबे समय से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ था, जिसकी हरकतें अब तक केवल मजेदार और वायरल वीडियो तक सीमित मानी जा रही थीं, लेकिन हाल ही में उसकी एक घटना ने पूरे प्रशासनिक परिसर को चर्चा में ला दिया। बताया गया कि यह लंगूर अक्सर कार्यालय परिसर में घूमता रहता था और कर्मचारियों के बीच परिचित सा हो गया था। उसकी मौजूदगी इतनी सामान्य हो चुकी थी कि लोग उसे अनदेखा करने लगे थे, लेकिन एक दिन उसकी हरकत ने सबका ध्यान खींच लिया जब वह सीधे जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठ गया। इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और पूरे मामले ने अलग ही रूप ले लिया।
डीएम की कुर्सी पर बैठने से वायरल हुआ वीडियो
घटना उस समय हुई जब कलेक्ट्रेट परिसर में कामकाज चल रहा था और अधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान लंगूर ‘मटरू’ अचानक कार्यालय के अंदर पहुंचा और डीएम की कुर्सी पर जाकर बैठ गया। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए और तुरंत इसका वीडियो बना लिया गया। यह वीडियो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने इसे मजेदार घटना माना, जबकि कुछ ने इसे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल के रूप में भी देखा। यह घटना प्रशासनिक परिसर में अनोखी और अप्रत्याशित स्थिति के रूप में दर्ज हो गई।
वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू
वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई और मौके पर पहुंचकर लंगूर को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि लंगूर की हरकतें असामान्य थीं और उसे सुरक्षित वातावरण में ले जाना जरूरी था ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। रेस्क्यू के दौरान टीम ने सावधानी बरती और उसे बिना किसी नुकसान के पकड़ लिया। बाद में उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, जहां उसकी निगरानी की जा रही है। यह कार्रवाई प्रशासन और वन विभाग के संयुक्त प्रयास से पूरी की गई।
कलेक्ट्रेट परिसर में सामान्य बन चुकी थी मौजूदगी
स्थानीय जानकारी के अनुसार, यह लंगूर लंबे समय से कलेक्ट्रेट परिसर में देखा जा रहा था और धीरे-धीरे वहां के माहौल का हिस्सा बन गया था। कर्मचारी और आने-जाने वाले लोग उसे पहचानने लगे थे। कई बार वह परिसर में घूमता रहता था और सामान्य रूप से व्यवहार करता था। उसकी मौजूदगी को लोग पहले मनोरंजक मानते थे, लेकिन बाद में यह मामला गंभीर तब हुआ जब वह सीधे अधिकारी की कुर्सी तक पहुंच गया। इस घटना ने उसकी उपस्थिति को एक अलग ही स्तर पर चर्चा में ला दिया।
किसान समाधान दिवस के दौरान मौजूद अधिकारी
घटना के समय कलेक्ट्रेट में किसान समाधान दिवस की बैठक भी चल रही थी, जिसमें जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारी मौजूद थे। किसान अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रख रहे थे, उसी दौरान यह घटना हुई। इस वजह से पूरा माहौल अचानक बदल गया और सभी का ध्यान बैठक से हटकर इस अप्रत्याशित घटना पर चला गया। अधिकारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और बाद में कामकाज सामान्य किया गया। इस घटना ने प्रशासनिक गतिविधियों के बीच एक असामान्य क्षण जोड़ दिया।
सोशल मीडिया पर चर्चा और प्रशासनिक सवाल
लंगूर की यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और लोगों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने इसे हास्यपूर्ण घटना बताया, जबकि कुछ ने इसे सुरक्षा व्यवस्था में चूक के रूप में देखा। प्रशासनिक परिसर में इस तरह की घटना ने सुरक्षा और व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए हैं। वहीं वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यह मामला अब केवल एक वायरल वीडियो नहीं बल्कि प्रशासनिक और वन्यजीव प्रबंधन से जुड़ी चर्चा का विषय बन गया है।
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