Search News
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
विदेशी चंदा लेने की मिली आधिकारिक अनुमति
मध्य प्रदेश के Chhatarpur जिले में स्थित Bageshwar Dham को अब विदेशों से दान प्राप्त करने की औपचारिक मंजूरी मिल गई है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा यह अनुमति विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के तहत दी गई है। इस फैसले के बाद धाम से जुड़ी संस्था अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए आर्थिक सहयोग प्राप्त कर सकेगी। इसे संस्था के विस्तार और प्रभाव को बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
धीरेंद्र शास्त्री की संस्था को मिला लाभ
यह अनुमति Dhirendra Krishna Shastri की देखरेख में संचालित संस्था ‘बागेश्वर जन सेवा समिति’ को दी गई है। यह संस्था लंबे समय से धार्मिक अनुष्ठानों और सामाजिक सेवा कार्यों में सक्रिय रही है। अब विदेशी फंडिंग की अनुमति मिलने से संस्था को अपने कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर संचालित करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल धार्मिक आयोजनों का विस्तार होगा, बल्कि सामाजिक सेवा से जुड़े प्रोजेक्ट्स को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
FCRA नियमों के तहत रखना होगा पूरा हिसाब
हालांकि, इस मंजूरी के साथ कई सख्त नियम और शर्तें भी लागू होती हैं। FCRA के तहत किसी भी संस्था को विदेश से मिलने वाले धन का पूरा हिसाब-किताब रखना अनिवार्य होता है। संस्था को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्राप्त धन का उपयोग पारदर्शिता और निर्धारित उद्देश्यों के अनुसार ही किया जाए। साथ ही, समय-समय पर सरकार को इसकी रिपोर्ट भी देनी होगी। यह व्यवस्था फंड के दुरुपयोग को रोकने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।
धार्मिक और सामाजिक कार्यों को मिलेगा विस्तार
इस अनुमति के बाद बागेश्वर धाम की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। विदेशी दान के जरिए संस्था बड़े स्तर पर धार्मिक आयोजन, कथा-प्रवचन और सेवा कार्यों को आगे बढ़ा सकेगी। इसके अलावा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में भी नई योजनाएं शुरू की जा सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे संस्था की पहुंच राष्ट्रीय सीमाओं से बाहर तक बढ़ेगी और प्रवासी भारतीयों का सहयोग भी मिल सकेगा।
सरकार की नजर में पारदर्शिता सबसे अहम
सरकार का स्पष्ट रुख है कि विदेशी फंडिंग लेने वाली हर संस्था को पूरी पारदर्शिता के साथ काम करना होगा। इसके लिए समय-समय पर ऑडिट और निगरानी की व्यवस्था भी की जाती है। यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संस्था की अनुमति रद्द की जा सकती है। इसलिए, बागेश्वर धाम को भी इन सभी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
फैसले से बढ़ेगी संस्था की राष्ट्रीय पहचान
इस मंजूरी के बाद बागेश्वर धाम की पहचान और प्रभाव में वृद्धि होना तय माना जा रहा है। अब यह संस्था न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेगी। इससे धाम से जुड़े अनुयायियों और समर्थकों को भी जुड़ने का नया अवसर मिलेगा। कुल मिलाकर, यह फैसला संस्था के लिए नए अवसरों के द्वार खोलने वाला साबित हो सकता है, बशर्ते सभी नियमों का पालन सही तरीके से किया जाए।
Latest News
Open