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सरकार नई राजनीतिक संरचना की तैयारी में
भारत में केंद्र सरकार एक बड़े राजनीतिक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा रही है। लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं को आरक्षण देने को लेकर नई रणनीति तैयार की जा रही है। यह बदलाव आने वाले चुनावों में राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है। नई दिल्ली में इस मुद्दे पर लगातार मंथन जारी है।
महिलाओं को मिलेगा 33 प्रतिशत आरक्षण
सरकार की योजना के तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए पहले ही नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया जा चुका है, लेकिन इसे लागू करने के लिए अब आगे की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। भारत की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव
प्रस्ताव के तहत लोकसभा की कुल सीटों को बढ़ाकर लगभग 800 से अधिक किया जा सकता है। इससे जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी। नई दिल्ली में इस विषय पर उच्च स्तर पर चर्चा जारी है और जल्द ही इसका प्रारूप सामने आ सकता है।
2011 जनगणना को आधार बनाने की योजना
सरकार इस पूरी प्रक्रिया के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने पर विचार कर रही है। परिसीमन के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा, जिससे सीटों का पुनर्गठन किया जाएगा। भारत में इस फैसले का सीधा असर राज्यों के प्रतिनिधित्व पर पड़ सकता है।
संविधान संशोधन की भी तैयारी जारी
इस बदलाव को लागू करने के लिए सरकार संविधान संशोधन लाने की तैयारी में है। यह संशोधन आवश्यक होगा ताकि सीटों की संख्या बढ़ाने और आरक्षण को कानूनी आधार दिया जा सके। नई दिल्ली में इस दिशा में कानूनी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की कवायद चल रही है।
2029 चुनाव से लागू होने की संभावना
माना जा रहा है कि ये बदलाव 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो भारत की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होगा। महिलाओं की भागीदारी बढ़ने के साथ-साथ राजनीतिक प्रतिनिधित्व में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
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