Search News
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
गेहूं खरीद में देरी से भड़के किसान
पंजाब में गेहूं खरीद प्रक्रिया में देरी को लेकर किसानों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। Punjab के विभिन्न जिलों में किसान संगठनों ने आज बड़े पैमाने पर रेल रोको आंदोलन का ऐलान किया है। किसानों का कहना है कि मंडियों में फसल पहुंचने के बावजूद खरीद शुरू नहीं हो रही, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस देरी के कारण मंडियों में अनाज का ढेर लग गया है और किसानों को अपनी उपज को सुरक्षित रखने में दिक्कतें आ रही हैं।
तीन घंटे तक रुकेगा रेल यातायात
किसानों ने साफ किया है कि यह आंदोलन प्रतीकात्मक नहीं बल्कि प्रभावी होगा। इसके तहत राज्य के कई प्रमुख रेलवे ट्रैक पर किसान तीन घंटे तक ट्रेनों को रोकेंगे। इस दौरान यातायात पूरी तरह बाधित रहेगा, जिससे यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किसान संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक इस तरह के आंदोलन जारी रहेंगे।
किसान संगठनों ने लगाए गंभीर आरोप
किसान मजदूर मोर्चा और अन्य संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों की लापरवाही के कारण गेहूं खरीद में लगभग दो सप्ताह की देरी हुई है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। साथ ही, यह भी आरोप लगाया गया है कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
सरकार ने बारिश को बताया मुख्य कारण
सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अलग ही पक्ष सामने आया है। अधिकारियों का कहना है कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। इसी वजह से खरीद प्रक्रिया में देरी हुई है, क्योंकि अनाज की जांच में अतिरिक्त समय लग रहा है। सरकार का दावा है कि किसानों को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और हर दाना उचित मूल्य पर खरीदा जाएगा।
मंडियों में बढ़ रही किसानों की परेशानी
वर्तमान स्थिति में मंडियों का हाल काफी चिंताजनक हो गया है। किसानों की फसल खुले में पड़ी है, जिससे खराब होने का खतरा बना हुआ है। कई जगहों पर भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या और बढ़ गई है। किसान दिन-रात अपनी फसल की निगरानी कर रहे हैं, लेकिन मौसम और प्रशासनिक देरी के कारण उनकी चिंता लगातार बढ़ रही है।
आंदोलन से बढ़ सकता है दबाव और तनाव
रेल रोको आंदोलन के चलते राज्य में तनाव की स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। हालांकि, यह साफ है कि किसानों का गुस्सा जल्द थमने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज हो सकता है, जिससे सरकार पर दबाव और बढ़ेगा। फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस संकट का समाधान कैसे निकालती है।
Latest News
Open