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ड्रोन हमलों के बाद सुरक्षा चिंताएं बढ़ीं
मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव और हाल में हुए ड्रोन हमलों के बाद इराक के तेल क्षेत्रों में काम कर रहे विदेशी कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सुरक्षा कारणों से कई अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को अस्थायी रूप से वहां से हटाने का फैसला लिया है।
इन कर्मचारियों को बसों के माध्यम से दक्षिणी इराक के बसरा क्षेत्र से निकाला जा रहा है और उन्हें कुवैत में सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। इस कदम को एहतियाती उपाय के तौर पर देखा जा रहा है ताकि संभावित खतरे की स्थिति में कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तेल कंपनियों ने शुरू की कर्मचारियों की निकासी
इराक के तेल क्षेत्रों में कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां लंबे समय से काम कर रही हैं। हालिया घटनाओं के बाद इनमें से कुछ कंपनियों ने अपने विदेशी कर्मचारियों को अस्थायी रूप से क्षेत्र से बाहर भेजने का निर्णय लिया है।
सूत्रों के अनुसार, ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख कंपनियों ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया है। कंपनियों का कहना है कि यह निकासी पूरी तरह एहतियाती है और इसका उद्देश्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
हालांकि तेल उत्पादन और अन्य जरूरी गतिविधियों को जारी रखने के लिए स्थानीय कर्मचारियों और आवश्यक स्टाफ को काम पर बनाए रखा गया है।
बसरा से कुवैत सीमा तक पहुंचाए गए कर्मचारी
शनिवार को सामने आए कुछ वीडियो और तस्वीरों में देखा गया कि बसरा क्षेत्र से विदेशी कर्मचारी बसों में सवार होकर कुवैत सीमा की ओर रवाना हुए। ये बसें सफवान सीमा चौकी तक पहुंचीं, जहां सुरक्षा अधिकारियों की निगरानी में कर्मचारियों को आगे भेजा गया।
सीमा पार करने के बाद उन्हें कुवैत में अस्थायी ठहराव के लिए ले जाया गया, जहां उनकी सुरक्षा और आवास की व्यवस्था की गई है।
इस पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया गया ताकि किसी प्रकार की अफरा-तफरी या अव्यवस्था की स्थिति न बने।
क्षेत्रीय तनाव का असर ऊर्जा क्षेत्र पर
मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर ऊर्जा उद्योग पर भी देखने को मिल रहा है। इराक दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में से एक है और यहां के तेल क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
ऐसे में सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं और संघर्ष की आशंका तेल कंपनियों के लिए चिंता का विषय बन जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो इसका प्रभाव तेल उत्पादन, परिवहन और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ सकता है।
सुरक्षा स्थिति पर लगातार नजर
इराक के तेल क्षेत्रों में सुरक्षा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को मजबूत करने में जुटी हुई हैं।
कंपनियों ने भी अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय अपनाए हैं। कई स्थानों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्त किया गया है और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की योजनाओं को सक्रिय रखा गया है।
स्थिति सामान्य होने पर लौट सकते हैं कर्मचारी
ऊर्जा कंपनियों का कहना है कि यह निकासी स्थायी नहीं है और सुरक्षा स्थिति सामान्य होने पर विदेशी कर्मचारियों को वापस बुलाया जा सकता है। फिलहाल सभी निर्णय हालात को देखते हुए सावधानी के साथ लिए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में स्थिरता बहाल होने के बाद तेल उद्योग की गतिविधियां फिर से पूरी क्षमता के साथ शुरू हो सकती हैं।
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय और ऊर्जा बाजार दोनों ही इस क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि मध्य पूर्व में होने वाली किसी भी बड़ी घटना का प्रभाव वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था पर पड़ सकता है।
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