Search News
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
मुजफ्फरनगर में पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़
उत्तर प्रदेश के Muzaffarnagar जिले में पुलिस और बदमाशों के बीच शुक्रवार को सघन मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में ‘बदमाशों का देवता’ के नाम से मशहूर प्रताप चौधरी घायल हो गया। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर यह घटना तेजी से वायरल हुई। पुलिस ने बताया कि बदमाश रंगदारी वसूलने के लिए क्षेत्र में सक्रिय थे और उनकी तलाश काफी समय से की जा रही थी।
रंगदारी मांगने के आरोप में मुठभेड़
घटना के अनुसार पुलिस जब बदमाशों को पकड़ने के लिए पहुंची, तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। बदमाश जंगल की ओर भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने अपने जवाबी कार्रवाई में कार्रवाई की और बदमाश को घायल कर दिया। घटना स्थल से कई अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने बताया कि प्रताप चौधरी के खिलाफ पहले भी कई रंगदारी और डकैती के मामले दर्ज थे।
जेल में मिला संपर्क और योजना बनी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में प्रताप ने खुलासा किया कि जेल में बंद रहने के दौरान उसकी मुलाकात अतुल कुमार नामक व्यक्ति से हुई थी। अतुल ने उसे बाहरी दुनिया में अपराध करने के नए तरीके बताए और प्रताप ने इस संपर्क से अपनी गतिविधियां और तेज कर दीं। जेल से बाहर आने के बाद प्रताप ने अपने नेटवर्क का विस्तार किया और कई इलाकों में रंगदारी वसूलने लगे।
Ravi उर्फ Shooter की गिरफ्तारी
साथ ही कांबिंग ऑपरेशन के दौरान प्रताप के सहयोगी Ravi उर्फ Shooter को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि रवि कई मामलों में प्रताप का साथ देता था और अपराधी नेटवर्क में उसकी भूमिका अहम थी। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और आम जनता को विश्वास दिलाया कि कानून व्यवस्था मजबूत है।
बदमाश का बयान और उसकी ख्वाहिश
घायल प्रताप चौधरी ने पुलिस पूछताछ में कहा, “CM योगी से डर तो लगता है, लेकिन मैं बदमाशों का देवता बनना चाहता था।” इस बयान ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया। अपराधी ने खुलकर बताया कि उसके लिए यह सिर्फ पैसा कमाने का साधन नहीं, बल्कि उसकी पहचान भी बन गई थी। पुलिस ने कहा कि ऐसे बयान से कानून को चुनौती देने वाले तत्व उजागर होते हैं।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
मुठभेड़ और गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि प्रताप और उसके सहयोगियों के खिलाफ पहले दर्ज सभी मामले दोबारा समीक्षा किए जा रहे हैं। पुलिस सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर बाकी नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है। स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून का हाथ सख्ती से चलेगा।
Latest News
Open