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जॉर्डन में अमेरिकी रक्षा प्रणाली को नुकसान
मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव के बीच ईरान ने अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाकर बड़ा हमला करने का दावा किया है। जानकारी के अनुसार जॉर्डन में तैनात अमेरिका के उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणाली THAAD को भारी नुकसान पहुंचा है। यह सिस्टम बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोकने के लिए बनाया गया है और इसे अमेरिका की सबसे आधुनिक रक्षा प्रणालियों में गिना जाता है। इस हमले के बाद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और तेज हो गई हैं।
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा नुकसान
हाल ही में सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में जॉर्डन के कुछ सैन्य ठिकानों पर नुकसान के संकेत मिले हैं। बताया जा रहा है कि हमलों में अमेरिकी निर्मित रडार सिस्टम और अन्य सैन्य उपकरणों को भी क्षति पहुंची है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह दावा पूरी तरह सही साबित होता है तो यह मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के लिए एक बड़ा मोड़ हो सकता है।
अन्य अरब देशों में भी हमलों की खबर
रिपोर्ट्स के अनुसार हमलों का दायरा केवल जॉर्डन तक सीमित नहीं रहा। अरब प्रायद्वीप के अन्य हिस्सों में स्थित कुछ महत्वपूर्ण सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे संकेत मिलता है कि क्षेत्र में संघर्ष का प्रभाव कई देशों तक फैल सकता है। ऐसे हालात में सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
अर्ली वार्निंग रडार सिस्टम भी प्रभावित
बताया जा रहा है कि केवल THAAD सिस्टम ही नहीं बल्कि कतर में स्थित एक अर्ली वार्निंग रडार सिस्टम को भी नुकसान पहुंचा है। यह रडार प्रणाली संभावित मिसाइल हमलों की पहले से जानकारी देने के लिए इस्तेमाल की जाती है। अगर इस तरह की प्रणालियों को नुकसान होता है तो इससे क्षेत्र की रक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
यूएई की ओर दागी गई कई मिसाइलें
संघर्ष के शुरुआती चरण में ईरान की ओर से बड़ी संख्या में मिसाइलें दागे जाने की जानकारी सामने आई थी। संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों के अनुसार युद्ध के पहले दिन बड़ी संख्या में मिसाइलें छोड़ी गई थीं, हालांकि बाद के दिनों में इनकी संख्या में कमी देखी गई। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरों को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ता सैन्य तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया घटनाएं मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव को दर्शाती हैं। क्षेत्र के कई देशों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है और सैन्य गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दे रहा है। फिलहाल यह संघर्ष किस दिशा में आगे बढ़ेगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।
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