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आईएएस बनने का सपना पूरा करने की जिद
हर साल लाखों युवा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाने का सपना देखते हैं। लेकिन यह सपना कुछ ही लोगों का पूरा हो पाता है। हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले अमनदीप ने भी एक ऐसा ही सपना देखा था और उसे पूरा करने के लिए वर्षों तक मेहनत की। अमनदीप अक्सर अपने परिवार और दोस्तों से कहा करते थे कि वह तभी शादी करेंगे जब वह आईएएस अधिकारी बन जाएंगे। यह बात पहले मजाक की तरह लगती थी, लेकिन अमनदीप ने इसे अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया। उन्होंने दिन-रात मेहनत की और लगातार प्रयास करते रहे। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता हासिल कर ली। इस उपलब्धि के साथ उनकी वर्षों पुरानी जिद भी पूरी हो गई।
यूपीएससी परीक्षा में हासिल किया शानदार रैंक
अमनदीप ने सिविल सेवा परीक्षा में 731वीं रैंक हासिल की है। यह सफलता उनके लिए ही नहीं बल्कि उनके पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय बन गई है। परिणाम घोषित होते ही परिवार और रिश्तेदारों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। अमनदीप ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार के सहयोग और अपनी निरंतर मेहनत को दिया। उन्होंने बताया कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार की जाए तो सफलता जरूर मिलती है।
दादा का सपना भी हुआ पूरा आखिरकार
अमनदीप की इस सफलता के पीछे उनके स्वर्गीय दादा सुल्तान सिंह का सपना भी जुड़ा हुआ था। अमनदीप ने बताया कि उनके दादा हमेशा चाहते थे कि वह एक दिन आईएएस अधिकारी बनें और समाज के लिए काम करें। दादा की यही इच्छा उनके लिए प्रेरणा बन गई। उन्होंने अपनी पढ़ाई और तैयारी के दौरान कई बार दादा की बातों को याद किया और उसी से उन्हें आगे बढ़ने की ताकत मिली। अमनदीप का कहना है कि आज यदि दादा जीवित होते तो उन्हें सबसे ज्यादा खुशी होती। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी बताया कि दादा हमेशा अमनदीप की पढ़ाई और मेहनत को लेकर उत्साहित रहते थे और उन्हें लगातार प्रेरित करते थे।
परिवार और गांव में जश्न का माहौल
जैसे ही यूपीएससी का परिणाम घोषित हुआ और अमनदीप के चयन की खबर सामने आई, उनके घर में जश्न का माहौल बन गया। परिवार के लोग ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाने लगे। रिश्तेदार और पड़ोसी भी बधाई देने के लिए घर पहुंचने लगे। गांव और आसपास के इलाके में भी इस सफलता की चर्चा होने लगी। लोगों का कहना है कि अमनदीप की उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। कई लोग उनके घर जाकर उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि अमनदीप बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे और हमेशा कुछ बड़ा करने का सपना देखते थे।
नौकरी के साथ जारी रखी कठिन तैयारी
अमनदीप की सफलता की खास बात यह भी है कि उन्होंने अपनी नौकरी के साथ-साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी। व्यस्त दिनचर्या के बावजूद उन्होंने समय का सही प्रबंधन किया और पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय निकाला। उन्होंने बताया कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए अनुशासन और धैर्य बहुत जरूरी होता है। उन्होंने रोजाना नियमित अध्ययन किया और अपनी कमजोरियों को सुधारने पर ध्यान दिया। यही कारण है कि लगातार प्रयासों के बाद वह इस कठिन परीक्षा में सफल हो पाए। उनकी कहानी यह भी दिखाती है कि यदि समय का सही उपयोग किया जाए तो नौकरी के साथ भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
अब परिवार में शादी की चर्चा शुरू
अमनदीप की सफलता के बाद परिवार में खुशी के साथ-साथ अब शादी की चर्चा भी शुरू हो गई है। उनके ताऊ सतीश कुमार, जो सिंचाई विभाग में एसडीओ के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि अमनदीप अक्सर कहा करते थे कि वह आईएएस बनने के बाद ही शादी करेंगे। अब जब उनका यह सपना पूरा हो गया है तो परिवार भी इस विषय पर आगे बढ़ने की सोच रहा है। परिजन मजाक में कहते हैं कि अब अमनदीप के पास कोई बहाना नहीं बचा है। हालांकि फिलहाल अमनदीप अपनी नई जिम्मेदारियों और प्रशिक्षण पर ध्यान देना चाहते हैं। लेकिन परिवार के लोग मानते हैं कि जल्द ही उनके जीवन का नया अध्याय भी शुरू हो सकता है।
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