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SZN संवाददाता, मेरठ। खुले दूध की सप्लाई का टेंडर दिलाने के नाम पर एक युवक ने 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसार मौर्य, मुख्य सचिव संजय प्रसाद, कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह के नाम पर रुपया वसूला गया।
उनके फर्जी लेटरपेड व मोहर दिखाकर युवक से रुपया वसूला जाता रहा। युवक की शिकायत पर एडीजी भानू भास्कर ने जांच के बाद थाना लिसाड़ी गेट को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
लिसाड़ी गेट के खुशहालनगर निवासी आकिल ने बताया कि वह कपड़े का थोक व्यापार करता है। वर्ष-21 में गाजियाबाद के मुरादनगर निवासी गुलफामुद्दीन उसके पड़ोस में रहता था। वह खुद को भाजपा का पदाधिकारी बताते उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, मुख्य सचिव संजय प्रसाद व कई एमएलसी व नेताओं का करीबी बताता था।
उनके अपने संग फोटो भी प्रचारित करता था। उसने गरीब कन्याओं के बांटने को उससे सौ सूट लिए। उसका भुगतान कर दिया। कुछ दिन बाद गुलफामुद्दीन ने उसे पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह से कहकर मेरठ में खुला दूध सप्लाई का टेंडर दिलाने का झांसा दिया।
उसने व उसके बेटे उवैस ने पंजीकरण व अन्य प्रक्रिया के नाम पर उससे 20 सितंबर 23 को 15 लाख रुपये नकद ले लिए। उसे पराग व अमूल के सारे प्रोडक्ट दिलाने का विश्वास दिलाया। 5 अक्टूबर 23 को उन्होंने दूध क्रिएट सिक्योरिटी के नाम पर फिर पांच लाख रुपये लिए।
टेंडर पास होने का देता रहा झांसा
विभिन्न मद में रुपये जमा करने के नाम पर आकिल से दो बार में फिर पांच लाख रुपये ले लिए गए। आरोप है कि रुपया लेने के बाद गुलफामुद्दीन जल्द टेंडर पास होने का झांसा देता रहा। टेंडर फाइल को सीएम आफिस में स्वीकृति के लिए भेजने की बात करता रहा।
आकिल ने इस पर अपने रुपये वापस मांगे। आरोप है इस पर गुलफामुद्दीन ने उसे तथा उसके बेटे को फर्जी केस व जीएसटी के केस में फसाने की धमकी दी। जानकारी करने पर पता चला कि गुलफामुद्दीन नौकरी लगवाने, टेंडर दिलाने व न्यायिक अधिकारियों से काम करने का झांसा देकर दर्जनों लोगों से करोड़ों रुपया ठग चुका है।
उसके खिलाफ ठगी व मारपीट के कई मामले दर्ज है। उसने आरोप लगाया कि आरोपित ने सीएम, मुख्य सचिव, उप मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, मुख्य सचिव, कई मंत्री, विधायक व एमएलसी के नाम के लेटर पैड व मोहर भी तैयार कर रखी है।
उसका प्रयोग कर उसके व अन्य लोगों के साथ ठगी की गई। उसने आरोपित की बातचीत व वीडियो भी पुलिस को सौंपी। पूरे मामले की शिकायत आकिल ने एडीजी भानू भास्कर से की। उन्होंने एसएसपी मेरठ को पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया।
एडीजी के आदेश पर हुई जांच
एडीजी के आदेश पर हुई जांच में सभी आरोप सही मिलने पर गुलफामुद्दीन व उसके बेटे कैफ खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का मामला दर्ज किया गया। पूरे मामले की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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