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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अभी कोचिंग सेंटर अग्निकांड की लपटे शांत भी नहीं हुई थी की लखनऊ में जवाहर भवन जिसमे कई सरकारी कार्यालय है भी अग्निकांड की चपेट में आ गया है। पिछले दिनों इन दोनों भीषण अग्निकांडों के बाद बह उत्तर प्रदेश का मेरठ जिला कुम्भकरण की नींद सोया हुआ है। एक आर टी आई के माध्यम से खुलासा हुआ की मेरठ जनपद में अनेको शिक्षण संसथान, कोचिंग सेंटर, अस्पताल, शॉपिंग काम्प्लेक्स और माल्स में आज भी सुरक्षा मानक पुरे नहीं है , आज तक यह बताने को कोई अधिकारी तैयार नहीं है की इन संस्थानों को बिना मानकों को पूरा किये चलाने की अनुमति कैसे दे दी गई या फिर ये संसथान कैसे संचालित हो रहे हैं । इस सवाल का जवाब कोई भी अधिकारी देने को तैयार नहीं है । आज भी मेरठ में कई अस्पताल ऐसे संचालित है जो मानकों के नाम पर शून्य है। इस सन्दर्भ जब मुख्य चिकित्साधिकारी से उनके CUG नंबर पर फ़ोन किया गया तो उप मुख्य चिकित्साधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी लखनऊ ट्रेनिंग पर है जब वो जाये तो आप उनसे बात कर लीजिएगा। उनके ऐसे जवाब से ऐसा प्रतीत होता है की मेरठ प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के मंसूबो पर पलीता लगा आहे रहे है ।
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