Search News
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
फांसी घर विवाद में आज केजरीवाल पेश होंगे
दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर ‘फांसी घर’ विवाद चर्चा में आ गया है। इसी मामले को लेकर आज आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होंगे। समिति ने इस मामले में उन्हें तलब किया है। बताया जा रहा है कि यह पेशी दोपहर के समय होगी, जहां उनसे विवाद से जुड़े विभिन्न सवालों पर जवाब मांगा जा सकता है। इस मामले को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म बना हुआ है।
कार्यवाही की पारदर्शिता पर उठाया महत्वपूर्ण मुद्दा
केजरीवाल ने समिति के सामने पेश होने से पहले कार्यवाही को पारदर्शी बनाने की मांग भी उठाई है। उन्होंने कहा है कि समिति की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग कराई जानी चाहिए, ताकि आम जनता भी पूरी प्रक्रिया को देख सके। उनका कहना है कि इससे किसी तरह की गलतफहमी या आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति कम होगी और जनता को सच्चाई जानने का अवसर मिलेगा। उनकी इस मांग को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
विवाद की शुरुआत 2022 के नवीनीकरण से
यह पूरा विवाद वर्ष 2022 में दिल्ली विधानसभा परिसर के एक हिस्से के नवीनीकरण से जुड़ा हुआ है। उस समय सरकार ने परिसर के एक पुराने हिस्से को ब्रिटिश काल के ‘फांसी घर’ के रूप में विकसित और उद्घाटित किया था। इसी कदम को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि ऐतिहासिक तथ्यों और प्रक्रियाओं को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती गई। इसके बाद यह मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का विषय बना रहा।
समिति ने जारी किया था समन
विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने इस मामले में केजरीवाल को समन जारी कर जवाब देने के लिए बुलाया था। अब उन्होंने समिति को पत्र लिखकर पुष्टि की है कि वे निर्धारित समय पर उपस्थित होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे समिति के समन का सम्मान करते हुए पेश हो रहे हैं और पूरे मामले में अपना पक्ष विस्तार से रखने के लिए तैयार हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि वे कानूनी और संसदीय प्रक्रिया का पालन करना चाहते हैं।
राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
इस विवाद के सामने आने के बाद दिल्ली की राजनीति में बयानबाजी का दौर भी तेज हो गया है। विभिन्न राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ नेताओं का कहना है कि मामले की पूरी जांच होनी चाहिए, जबकि दूसरी ओर समर्थकों का कहना है कि यह केवल राजनीतिक विवाद को बढ़ाने का प्रयास है। इसी वजह से समिति की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
समिति की सुनवाई से साफ हो सकती स्थिति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समिति के सामने होने वाली सुनवाई के बाद इस मामले की स्थिति कुछ हद तक स्पष्ट हो सकती है। यदि समिति को किसी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेजों की जरूरत होगी तो आगे और भी सुनवाई की जा सकती है। फिलहाल यह मामला दिल्ली की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आज की कार्यवाही से आने वाले दिनों की राजनीतिक दिशा पर भी असर पड़ सकता है।
Latest News
Open