Search News
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
भूटान से लग्जरी कार तस्करी का मामला
कस्टम्स विभाग ने भूटान से लग्जरी कारों की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़ किया। आरोपी भूटान से पुरानी लेकिन महंगी एसयूवी लाकर भारत में अलग-अलग राज्यों में पंजीकृत करते थे। पश्चिम बंगाल और असम में इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
460 फर्जी रजिस्ट्रेशन का खुलासा
असम पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से कम से कम 460 वाहनों को पंजीकृत कर चुके थे। ये वाहन अवैध रूप से भारत में लाए गए थे और नए खरीदारों को बेचने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।
अंतरराष्ट्रीय रैकेट और खरीददारों का नेटवर्क
जांच में सामने आया कि यह तस्करी रैकेट केवल भूटान से वाहनों को लाने तक सीमित नहीं था। भारत में खरीदारों के बड़े नेटवर्क के जरिए कारों को बेचकर रैकेट के सदस्यों ने भारी मुनाफा कमाया। यह मामला अंतरराष्ट्रीय तस्करी और आर्थिक अपराध से जुड़ा हुआ है।
CAG की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
कस्टम्स अधिकारियों ने कहा कि भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट में पाया गया कि देश में आयातित वाहनों की निगरानी पर्याप्त नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, कई ऐसे वाहन बिना दस्तावेजों के पंजीकृत किए गए, जो इस रैकेट को बढ़ावा देने वाले साबित हुए।
पुलिस और कस्टम्स की संयुक्त कार्रवाई
पश्चिम बंगाल और असम पुलिस ने कस्टम्स के साथ मिलकर इस मामले की जांच की। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि अन्य राज्यों में भी इस रैकेट से जुड़े लोग सक्रिय हो सकते हैं और जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
आगे की कार्रवाई और सजगता की जरूरत
अधिकारियों ने जनता और वाहन खरीददारों को चेतावनी दी है कि केवल पंजीकृत और कानूनी दस्तावेज वाले वाहनों को ही खरीदें। इसके अलावा, कस्टम्स विभाग अंतरराष्ट्रीय तस्करी पर निगरानी बढ़ा रहा है और ऐसे रैकेट को पूरी तरह तोड़ने की दिशा में काम कर रहा है।
Latest News